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Sidhi News: सीधी जिले में शासकीय कन्या महाविद्यालय का 100 बिस्तर छात्रावास 16 साल बाद भी अधूरा है. 2007-08 में शुरू हुए प्रोजेक्ट पर 1.39 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. फिर भी भवन जर्जर हालत में है. दीवारों में दरारें और छत का उखड़ा प्लास्टर गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहे हैं.
Sidhi News: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है. शहर स्थित शासकीय कन्या महाविद्यालय सीधी परिसर में 100 बिस्तर वाले छात्रावास भवन का निर्माण कार्य करीब 16 साल बाद भी अधूरा है. वर्ष 2008-09 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट पर अब तक लगभग 1 करोड़ 39 लाख 65 हजार रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन भवन आज तक हैंडओवर की स्थिति में नहीं पहुंच पाया है. निर्माणाधीन हालत में ही छत का प्लास्टर उखड़ चुका है, दीवारों में गहरी दरारें आ गई हैं.
महाविद्यालय के प्राचार्य ओपी नामदेव ने लोकल 18 को बताया कि छात्रावास भवन का निर्माण 2008-09 में शुरू हुआ था. उस समय एक करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली थी, जिसमें से लगभग 90 लाख रुपये कॉलेज के खाते में आए और यह राशि हाउसिंग बोर्ड एजेंसी को दे दी गई. बाद में 39 लाख 65 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि भी जारी हुई, जिसे संबंधित एजेंसी को सौंप दिया गया. बावजूद इसके निर्माण कार्य धीमी गति से चलता रहा. बीच-बीच में काम रुकता भी रहा और जो निर्माण हुआ था, उसका कुछ हिस्सा समय के साथ क्षतिग्रस्त हो गया.
हैंडओवर के योग्य नहीं
प्राचार्य के अनुसार वर्तमान स्थिति में भवन हैंडओवर के योग्य नहीं है. गुणवत्ता में कमी के कारण संरचना कमजोर हो चुकी है. आपात स्थिति में एक-दो बार परीक्षा आयोजन के लिए भवन का उपयोग किया गया, लेकिन नियमित आवास के लिए इसे सुरक्षित नहीं माना जा सकता. इस संबंध में कार्यपालन यंत्री आरपी भोज को भी अवगत करा दिया गया है. प्राचार्य ओपी ने स्पष्ट किया कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि है. जब तक भवन तकनीकी मानकों पर खरा नहीं उतरता और उसकी मजबूती प्रमाणित नहीं होती, तब तक उसे आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया जाएगा. प्रशासन ने संबंधित विभाग से तत्काल गुणवत्ता परीक्षण और आवश्यक सुधार कार्य कराने की मांग की है.
हादसे का कारण न बन जाए
भवन की मौजूदा हालत छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है. छत के कई हिस्सों में दरारें और प्लास्टर झड़ने की समस्या साफ दिखाई देती है. दीवारों में चौड़ी दरारें हैं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न उठते हैं. परिसर में निर्माण सामग्री अव्यवस्थित रूप से बिखरी पड़ी है और कुछ हिस्से लगभग ध्वस्त अवस्था में पहुंच चुके हैं. यदि समय रहते सुधार कार्य नहीं किया गया, तो यह भवन किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है.
पूरे प्रोजेक्ट की जांच हो
NSUI के प्रदेश सचिव विक्रांत सिंह परिहार ने लोकल 18 को बताया, इतने लंबे समय तक निर्माण कार्य का अधूरा रहना और भवन की बदहाल स्थिति गंभीर लापरवाही का संकेत है. पूरे प्रोजेक्ट की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच कराकर दोषी अधिकारियों और एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
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