IPL के नाम पर विवाद, BCCI के खिलाफ दर्ज हुआ कोर्ट केस, अदालत का फैसला जान चौंक जाएंगे आप

IPL 2026 के शुरू होने से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को राहत की सांस मिली है. बीसीसीआई के खिलाफ हुई याचिका में कहा गया था कि वह ‘इंडियन प्रीमियर लीग’ नाम का इस्तेमाल अवैध रूप से कर रहा है, लेकिन केरल हाई कोर्ट ने इस दावे को निराधार मानते हुए याचिका को खारिज कर दिया है.

याचिकाकर्ता आशिक करौथ ने तर्क दिया था कि बीसीसीआई द्वारा इस नाम का इस्तेमाल करना वैध नहीं है. मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और न्यायमूर्ति श्याम कुमार वीएम की बेंच ने चुटकी लेते हुए कहा कि इस दलील में कोई दम नहीं है और याचिकाकर्ता को इतने लंबे अरसे बाद याद आ रहा है कि इंडियन प्रीमियर लीग भारत का कोई आधिकारिक टूर्नामेंट नहीं है.

याचिककर्ता ने क्या दलील दी?

याचिकाकर्ता आशिक करौथ केरल के एर्नाकुलम का रहने वाला है, जिसने कहा कि BCCI द्वारा ‘आईपीएल’ नाम का उपयोग करना गलत है और उसे कई सालों बाद ये अहसास हुआ है कि IPL तो देश का आधिकारिक टूर्नामेंट है ही नहीं. उसने सीधे तौर पर लीग के नाम में ‘इंडियन’ शब्द को लेकर आपत्ति जताई. मगर कोर्ट ने इस दलील को पूरी तरह निराधार बताया.

इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत 2008 में हुई थी और आज 19 सालों के बाद यह दुनिया की सबसे बड़ी स्पोर्टस लीगों में से एक है. ‘IPL’ के नाम पर विवाद का मतलब पूरे विश्व भर में यह चर्चा का विषय बन जाता और IPL पर नकारात्मक प्रभाव BCCI के लिए नुकसानदेह रह सकता था. ऐसे में कहा जा सकता है कि बहुत बड़ा खतरा टल गया है.

28 मार्च को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच IPL 2026 का सबसे पहला मैच खेला जाएगा. अभी तक बीसीसीआई ने लीग का पूरा शेड्यूल जारी नहीं किया है.

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