मध्यप्रदेश की सभी बिजली कंपनियों में काम कर रहे करीब दो लाख इंजीनियरों और कर्मचारियों के लिए पावर कंपनी अंशदायी कैशलैस स्वास्थ्य योजना (MPPCHS) के लिए एजेंसी का चयन मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी ने कर लिया है।
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इस योजना में देश के सभी अस्पतालों से योजना के नियम, शर्तों व दरों पर बातचीत की जाएगी। जो अस्पताल योजना की शर्तों व दरों पर सहमत होंगे, उन्हें अनुबंधित किया जाएगा। इस प्रोसेस में एक माह का समय लगेगा। जैसे ही ये प्रक्रिया पूर्ण होगी, कंपनी की कैशलैस योजना की सेवाएं प्रारंभ कर दी जाएंगी।
एक लाख 82 हजार कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
योजना का लाभ प्रदेश की छह विद्युत कंपनियों में कार्यरत नियमित, संविदा कर्मचारियों व विद्युत कंपनियों के पेंशनरों और उनके आश्रितों को भी मिलेगा। इनकी संख्या लगभग 1 लाख 82 हजार है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी को प्रदेश की छह विद्युत कंपनियों के लिए पावर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के लिए एजेंसी का चयन करने की जिम्मेदारी दी गई है।
500 से 2000 तक मासिक अंशदान देना होगा
योजना का लाभ लेने के लिए बिजली कर्मचारी एवं पेंशनर मासिक अंशदान देकर इस योजना में शामिल हो सकते हैं। इस योजना में 500 रुपए प्रतिमाह में 5 लाख, 1000 प्रतिमाह में 10 लाख एवं रुपए 2000 प्रतिमाह में 25 लाख तक का कैशलैश इलाज का लाभ पाया जा सकेगा। कुछ अस्पतालों में को-पे की व्यवस्था भी रहेगी।
शक्ति भवन में शुरू हुई हेल्प डेस्क
इस योजना को सुगम बनाने के लिए शक्ति भवन जबलपुर में ब्लॉक क्रमांक 9 में एक हेल्प डेस्क आरंभ की गई है। इस हेल्प डेस्क में योजना से संबंधित जानकारी दी जा रही है। जिनको ऑनलाइन आवेदन करने में कठिनाई आती है। वहां उनके आवेदन भी भरे जा रहे हैं।
मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने सभी बिजली कंपनियों के कर्मचारियों व पेंशनरों से इस योजना में शामिल होने के लिए शीघ्र फॉर्म जमा करने को कहा है।
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