कब्ज-खांसी-ब्लड शुगर-हेयरफॉल, सबका एक इलाज है काली मां का प्रिय फूल, ऐसे करें इस्तेमाल

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Hibiscus Health Benefits: विंध्य क्षेत्र में पूजा में चढ़ने वाला गुड़हल अब सेहत के लिए भी खास माना जा रहा है और आयुर्वेद में इसे कई रोगों के लिए लाभकारी बताया गया है. हिबिस्कस रोजा-सिनेंसिस नाम से पहचाने जाने वाले इस फूल की चाय उच्च रक्तचाप नियंत्रित करने और हृदय स्वास्थ्य सुधारने में मददगार मानी जाती है. इसके फूल और पत्तियां बालों की जड़ों को मजबूत करने, डैंड्रफ कम करने और त्वचा में निखार लाने में भी उपयोगी हैं. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. विपिन सिंह के अनुसार, गुड़हल पित्त दोष को शांत करने के साथ सर्दी-खांसी और पाचन समस्याओं में भी राहत देता है. धार्मिक महत्व के साथ-साथ औषधीय गुणों के कारण गुड़हल तेजी से प्राकृतिक उपचार के रूप में लोकप्रिय हो रहा है.

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गुड़हल के फायदे: विंध्य क्षेत्र में गुड़हल का पौधा सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद खास माना जाता है. वैज्ञानिक नाम Hibiscus rosa-sinensis वाला यह लाल फूल औषधीय गुणों से भरपूर है. मंदिरों में चढ़ने वाला यही गुड़हल अब प्राकृतिक उपचार के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.

दिल और ब्लड प्रेशर के लिए फायदेमंद
आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह बताते हैं कि गुड़हल की चाय एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है और हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी मानी जाती है. नियमित सेवन से उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है.

गुड़हल की चाय बनाने के लिए इसके ताजे या सूखे फूलों को पानी में उबालें और फिर उसमें थोड़ा शहद मिलाकर पिएं. यह शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करती है.

बालों और त्वचा के लिए नेचुरल केयर
गुड़हल का इस्तेमाल बालों और त्वचा की देखभाल में भी खूब किया जाता है. इसके फूल और पत्तियों को पीसकर नारियल तेल में मिलाकर सिर पर लगाने से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और डैंड्रफ कम होता है. बालों के समय से पहले सफेद होने की समस्या भी धीमी पड़ सकती है.

वहीं, गुड़हल के फूलों का पाउडर दही या गुलाब जल में मिलाकर फेस पैक की तरह लगाने से त्वचा में निखार आता है. टैनिंग और डलनेस कम होती है और इसके एंटीबैक्टीरियल गुण त्वचा को साफ बनाए रखते हैं.

सर्दी-खांसी और पाचन में भी राहत
डॉ. विपिन सिंह के अनुसार, आयुर्वेद में गुड़हल को पित्त दोष शांत करने वाला पौधा माना गया है. इसकी पत्तियों और अदरक का काढ़ा गले की खराश, खांसी और फ्लू में राहत देता है. साथ ही गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं में भी यह फायदेमंद है.

धार्मिक महत्व भी कम नहीं
चटक लाल गुड़हल के फूल देवी-देवताओं को अर्पित किए जाते हैं. माना जाता है कि यह फूल भगवान को प्रिय होता है और इसे चढ़ाने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. यानी गुड़हल सिर्फ एक फूल नहीं, बल्कि पूजा और सेहत दोनों का अनमोल तोहफा है.

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shweta singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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