बालाघाट में कांग्रेस ने मनरेगा बदलाव का विरोध किया: 11 जनवरी को नाम बदलने पर धरना-उपवास करेंगे कार्यकर्ता; गांवों में लगाएंगे चौपाल – Balaghat (Madhya Pradesh) News

बालाघाट में कांग्रेस ने मनरेगा योजना का नाम बदलकर ‘जीरामजी’ करने और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर शुक्रवार को आक्रामक रुख अपनाया। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष और विधायक संजय उइके ने सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता कर आगामी 11 जनवरी से आंदोलन श

.

दूषित पानी और मनरेगा बदलाव पर आंदोलन

विधायक उइके ने बताया कि 11 जनवरी को दूषित पेयजल से हुई मौतों के विरोध में इंदौर में कांग्रेस जनाक्रोश रैली निकालेगी। वहीं, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर मनरेगा का नाम बदलने के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत धरना और उपवास से की जाएगी।

मनरेगा से ‘जीरामजी’ में बदलाव पर सवाल

उइके ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मनरेगा का नाम बदलकर मजदूरों को गुमराह कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले मजदूर मांगने पर काम पाता था, लेकिन ‘जीरामजी’ में काम देने की जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि बजट का वितरण भी बदल गया है। पहले केंद्र 90% और राज्य 10% राशि देते थे, अब यह अनुपात 60-40 हो गया है।

बालाघाट जिले का उदाहरण दिया

विधायक ने बालाघाट जिले का उदाहरण देते हुए बताया कि 2025-26 में 3 लाख 11 हजार 322 जॉबकार्डधारी परिवारों में से केवल 1,146 परिवारों को ही काम मिला। प्रदेश में 91 लाख 70 हजार 850 परिवारों में 33 हजार 291 परिवारों को ही रोजगार मिला। इससे यह साबित होता है कि सरकार 125 दिन का रोजगार देने में असफल रहेगी।

11 जनवरी को धरना और उपवास से शुरुआत

विधायक ने बताया कि 11 जनवरी को धरना और उपवास से आंदोलन शुरू होगा। इसके बाद 12 से 30 जनवरी तक कांग्रेस गांव-गांव जाकर चौपालों के माध्यम से आम जनता को ‘जीरामजी’ योजना की सच्चाई से अवगत कराएगी।

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *