एमपी में कमलनाथ सरकार गिरने के बाद से कांग्रेस के विधायकों को लेकर कई बार अफवाहें और कयास लगते रहते हैं। टिमरनी विधायक अभिजीत शाह आरएसएस के हिन्दू सम्मेलन में शामिल हुए तो उनको लेकर अटकलें चलने लगी थीं। हालांकि विवाद तेज होने के बाद विधायक अभिजीत शाह ने अपने इंस्टाग्राम से हिन्दू सम्मेलन में शामिल होने वाला वीडियो डिलीट कर दिया था। अब कांग्रेस के ही एक और युवा विधायक के बीजेपी में शामिल करने की चर्चाएं सोशल मीडिया और मीडिया में चल रहीं हैं। पृथ्वीपुर से कांग्रेस विधायक नितेन्द्र सिंह राठौर को लेकर स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया में ये खबरें आई कि वे बीजेपी जॉइन कर सकते हैं। इन चर्चाओं को लेकर विधानसभा पहुंचे नितेन्द्र सिंह राठौर ने दैनिक भास्कर से चर्चा की। जनता के काम के लिए सीएम से मिलें तो विपक्ष के विधायक किसके पास जाएं नितेन्द्र सिंह राठौर ने कहा- ये निराधार बातें हैं जिनका कोई औचित्य नहीं हैं। कोई समाचार पत्र यदि किसी फंक्शन में जाने की तस्वीर छाप दे। या मुख्यमंत्री जी जो प्रदेश के मुखिया हैं उनसे सत्ता पक्ष के विधायक भी मिलते हैं और विपक्ष के विधायक भी मिलते हैं। क्योंकि, जनता ने चुनकर भेजा है तो हम क्षेत्र के काम मांगने या जनता की समस्याओं से अवगत कराने के लिए किसके पास जाएंगे? विपक्ष का विधायक यदि प्रदेश के मुखिया से मिलता है तो इसीलिए मिलता है ताकि जनता के हितों का ध्यान रख सके। क्योंकि, मुझे जनता ने चुनकर भेजा है। जरूरत पडे़गी तो जनता के काम के लिए प्रधानमंत्री से मिलूंगा
पृथ्वीपुर विधायक ने कहा- मैं तो कहता हूं कि जनता के लिए मुझे प्रधानमंत्री जी से मिलना पडे़ या किसी केन्द्रीय मंत्री से मिलना पडे़ तो उनसे भी मिलूंगा। इसमें क्या गलत है? लेकिन, इन मुलाकातों को गलत तरीके से प्रस्तुत करना। ये बहुत दुखद और निराधार है। मैं इतना ही कहूंगा कि ऐसी खबरों से पत्रकारों को बचना चाहिए। क्योंकि इससे एक जनप्रतिनिधि जो जनता के द्वारा चुनकर आता है उसकी छवि खराब करने का प्रयास है। जनता के काम के लिए और विकास कार्यों के लिए किसी से भी काम के लिए मिलना होगा मैं मिलूंगा। कौन हैं नितेन्द्र सिंह राठौर निवाड़ी सीट से दो बार निर्दलीय और एक बार कांग्रेस के विधायक रहे बृजेन्द्र सिंह राठौर के बेटे हैं। बृजेन्द्र सिंह राठौर 2008 के परिसीमन के बाद पृथ्वीपुर सीट से दो बार कांग्रेस के विधायक रहे। 2018 में कमलनाथ सरकार में वाणिज्यिक कर मंत्री बनाए गए। मई 2021 में कोरोना ग्रस्त होने के चलते बृजेन्द्र सिंह राठौर का निधन हो गया था। उसके बाद अक्टूबर 2021 में हुए उपचुनाव में नितेन्द्र सिंह राठौर चुनाव लड़े और बीजेपी प्रत्याशी डॉ शिशुपाल यादव से पराजित हो गए। 2023 के विधानसभा चुनाव में डॉ. शिशुपाल यादव को हराकर नितेन्द्र विधायक बने। .