दतिया में अमेरिका और भारत के बीच हाल ही में हुए न्यू इंडिया–अमेरिका ट्रेड डील को किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए गुरुवार को कांग्रेस किसान मोर्चा और भारत कृषक समाज के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। न्यू कलेक्ट्रेट परिसर में अपर कलेक्टर महेंद्र कपचे को दिए गए ज्ञापन में इस व्यापार करार को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई। संसद में पर्याप्त चर्चा न होने का आरोप
कांग्रेस किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि यह व्यापार करार एकतरफा है और इससे भारतीय अर्थव्यवस्था तथा किसानों को गंभीर नुकसान होगा। उनका आरोप है कि संसद में बिना पर्याप्त चर्चा के यह करार किया गया, जो किसानों के हितों के विपरीत है। टैरिफ संरचना पर उठाए सवाल
ज्ञापन में कहा गया है कि इस करार के तहत भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले उत्पादों पर अमेरिका द्वारा 18 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जाएगा, जो पूर्व की दरों से कई गुना अधिक है। वहीं अमेरिका से भारत आने वाले कृषि उत्पादों पर भारत सरकार कोई टैरिफ नहीं लगा सकेगी। इससे अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में कम कीमत पर उपलब्ध होंगे और भारतीय किसान प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाएंगे। प्रोसेस्ड उत्पादों के आयात पर चिंता
किसान मोर्चा ने कहा कि भले ही सरकार कृषि क्षेत्र को सुरक्षित बताती हो, लेकिन सोयाबीन और मक्का के सीधे आयात पर रोक के बावजूद इनके प्रोसेस्ड उत्पादों—जैसे तेल और डेयरी उद्योग में उपयोग होने वाले मक्का आधारित कैटल फीड (डीडीजी)—का आयात संभव होगा। इससे देश में इन फसलों के दाम प्रभावित हो सकते हैं। अमेरिका और भारत की कृषि संरचना की तुलना
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि अमेरिका में लगभग दो प्रतिशत आबादी खेती करती है, जहां औसत जोत लगभग 450 एकड़ है और कृषि क्षेत्र को 60 प्रतिशत से अधिक सब्सिडी मिलती है। इसके विपरीत भारत में 50 प्रतिशत से अधिक आबादी खेती पर निर्भर है, औसत जोत लगभग 1.5 एकड़ है और कृषि क्षेत्र को कुल बजट का लगभग तीन प्रतिशत सब्सिडी मिलती है। ऐसे में शून्य टैरिफ पर अमेरिकी उत्पादों को अनुमति देना भारतीय किसानों के लिए प्रतिकूल होगा। आंदोलन तेज करने की चेतावनी
इस अवसर पर भारत कृषक समाज जिला दतिया के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अशोक दांगी बगदा, पूर्व अध्यक्ष रामकिंकर सिंह गुर्जर, वरिष्ठ नेता अनूप पाठक एडवोकेट, बनमाली राजपूत, साहब सिंह कौरव, रामू राठौर सहित बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि यदि करार वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अपर कलेक्टर महेंद्र कपचे ने ज्ञापन प्राप्त कर इसे नियमानुसार उच्च स्तर पर अग्रेषित किए जाने की बात कही। फिलहाल मामले में प्रशासनिक स्तर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। .