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Rahul Gandhi MP Visit : मध्य प्रदेश कांग्रेस गहरे संगठनात्मक संकट में फंसती दिख रही है, जब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पचमढ़ी में कांग्रेस जिला अध्यक्षों को ‘अनुशासन’ और ‘कथनी-करनी में एकरूपता’ का पाठ पढ़ाने एमपी आए हैं. इंदौर शहर कांग्रेस का विवाद अब गालियों और जान से मारने की धमकियों तक पहुँच चुका है.
भोपाल/इंदौर. मध्य प्रदेश में कांग्रेस की अंदरूनी कलह एक बार फिर सतह पर आ गई है. पचमढ़ी में राहुल गांधी जहां जिला अध्यक्षों को अनुशासन और संगठन की सीख देने आए हैं, वहीं इंदौर शहर कांग्रेस में गालियों और धमकियों तक पहुँचा विवाद उनके ‘कथनी-करनी’ वाले संदेश पर सवाल खड़े कर रहा है. शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और पूर्व अध्यक्षों के बीच वायरल ऑडियो क्लिप ने हालात को विस्फोटक बना दिया है. मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के खिलाफ अमर्यादित भाषा और आपराधिक धमकियों ने पार्टी की साख पर गहरा असर डाला है. अब राहुल गांधी के लिए यह परीक्षा है कि वे इस विवाद को कैसे सुलझाते हैं?
सितंबर-अक्टूबर में इंदौर के शीतला माता बाजार में शुरू हुए इस विवाद ने पार्टी को दो खेमों में बाँट दिया. भाजपा विधायक मालिनी गौड़ के बेटे ने कथित तौर पर दुकानदारों से मुस्लिम नौकरों को हटाने की अपील की थी. इसके बाद तनाव बढ़ा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह बाजार पहुंचे, जहाँ उन्हें पुलिस ने रोका.
स्थानीय कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और उनके समर्थकों ने इस कार्यक्रम का विरोध किया. यहीं से गुटबाजी खुलकर सामने आ गई.
ऑडियो क्लिप और धमकी से बढ़ा बवाल
थोड़े ही समय बाद चौकसे और पूर्व अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा की एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई, जिसमें चौकसे कथित तौर पर दिग्विजय सिंह के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करते सुनाई देते हैं. इसके बाद कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने चौकसे की शिकायत की. शिकायत के बाद चौकसे समर्थक लोकेश हार्डिया ने यादव को जान से मारने और मुंह काला करने की धमकी दी. पंढरीनाथ थाने में इसका केस दर्ज हो चुका है.
पचमढ़ी बनाम इंदौर: राहुल गांधी की दोहरी चुनौती
राहुल गांधी पचमढ़ी में जिला अध्यक्षों को सीख दे रहे हैं कि कथनी और करनी में फर्क न हो, लेकिन इंदौर का विवाद उनके संदेश के विपरीत तस्वीर पेश कर रहा है. कांग्रेस का यह टकराव संगठनात्मक अनुशासन की पोल खोल रहा है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, मामले की रिपोर्ट आलाकमान को भेज दी गई है. यदि राहुल गांधी इस पर सख्त कार्रवाई नहीं करते, तो उनका ‘संगठन सृजन’ अभियान गंभीर सवालों में घिर सकता है.
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प… और पढ़ें
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