Satna News: भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट से लगे सरभंगा स्थित पौराणिक एवं धार्मिक महत्व वाले सिद्धा पहाड़ पर बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। नईदुनि …और पढ़ें
HighLights
- अधिकारियों को अवैध खनन के साक्ष्य मिले
- गोपनीय निगरानी बढ़ाने के दिए गए निर्देश
- धार्मिक महत्व के कारण प्रतिबंधित है खनन
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट से लगे सरभंगा स्थित पौराणिक एवं धार्मिक महत्व वाले सिद्धा पहाड़ पर बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। नईदुनिया में खबर प्रकाशित होने के बाद सोमवार को खनिज एवं राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जहां लगभग 650 टन (478 घन मीटर) खनिज निकाले जाने की पुष्टि हुई है।
अवैध खनन के साक्ष्य मिले
खनिज निरीक्षक राकेश देशमुख और राजस्व निरीक्षक रामकुमार रावत को अवैध खनन के साक्ष्य मिले हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध रूप से निकाले गए खनिज को वैध खदानों के ई-टीपी (इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिट पास) का गलत उपयोग कर बाजार में खपाया गया है। इस बिंदु पर भी प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
सिद्धा पर्वत क्षेत्र में गोपनीय निगरानी बढ़ाने के निर्देश
अधिकारियों ने कहा कि जल्द प्रकरण तैयार कर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने सिद्धा पर्वत क्षेत्र में गोपनीय निगरानी बढ़ाने और खनन माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
धार्मिक महत्व के कारण प्रतिबंधित है खनन
रामायण में उल्लेख है कि राक्षसों ने ऋषि-मुनियों का संहार कर उनकी हड्डियों से सिद्धा पहाड़ बना दिया था। सरभंग मुनि के आश्रम पहुंचने के बाद श्रीराम ने राक्षसों का संहार किया।
धार्मिक एवं पौराणिक महत्व होने के कारण सिद्धा पहाड़ पर खनन पूर्णत: प्रतिबंध है, लेकिन सीमेंट कंपिनयों के लिए उपयोगी खनिज बाक्साइड और लेटेराइट की उपलब्धता के चलते खनन माफिया यहां सक्रिय हैं।
.