वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम का असर खत्म होने से मध्य प्रदेश में सर्दी का असर बढ़ा है। उत्तरी हवाओं की वजह से दिन में ठिठुरन बढ़ गई है, जबकि रात का टेम्पेरेचर भी 10 डिग्री से नीचे आ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से प्रदेश में ओले-बारिश का दौर चल रहा था, जो गुरुवार को थम गया। इस दिन अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिली है। बुधवार-गुरुवार की रात में ग्वालियर समेत 8 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। वहीं, 30 से ज्यादा जिलों में कहीं हल्का तो कहीं मध्यम और घना कोहरा दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर में तापमान 9 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे ठंडा राजगढ़ रहा। यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री पहुंच गया। रीवा में 7.2 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, दतिया में 8.4 डिग्री, दमोह-सतना में 9.6 डिग्री और पचमढ़ी में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों में भोपाल-उज्जैन में 13 डिग्री, इंदौर में 13.2 डिग्री और जबलपुर में 13.5 डिग्री दर्ज किया गया। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की टाइमिंग भी बदल गई है। खासकर मालवा, सचखंड, शताब्दी समेत कई ट्रेनों की टाइमिंग पर असर पड़ा है। आज हल्के कोहरे का असर
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार सुबह प्रदेश में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम कोहरे का असर देखने को मिला। ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभाग के जिलों में असर देखा गया। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम नए सिस्टम का असर देखने को मिलेगा
पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 8 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसका असर फिर से प्रदेश में देखने को मिलेगा। 10 फरवरी से मावठा गिरने का अनुमान है। जानिए, जनवरी में कैसी रही ठंड जनवरी में प्रदेश में ठंड, कोहरे, ओले और बारिश का दौर रहा। आखिरी सप्ताह में प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में बारिश हुई। वहीं, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में ओले भी गिरे। इस वजह से गेहूं, चना और सरसों की फसलें बर्बाद हो गईं। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी शुरू कराया है। ताकि, नुकसानी रिपोर्ट बन सके। इधर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर में रात के तापमान में गिरावट देखी गई। फरवरी में ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, पहले ही सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा। शुरुआत 4 दिन तक बारिश होने की संभावना है। 2 और 5 फरवरी को फिर से नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी देखने को मिलेगी। इनके गुजरने के बाद ठंड का एक और दौर आ सकता है। MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती है, दिन गर्म
भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 25 डिग्री के पार है। इंदौर में बारिश का ट्रेंड नहीं
फरवरी के महीने में इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है। 2014 और 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। दूसरी ओर, दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है। 2019 में तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां रात में पारा 10 डिग्री के नीचे रहता है।
ग्वालियर में कड़ाके की ठंड
ग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहता है। इसकी वजह यहां सीधे उत्तरी हवाएं आना है। 4 फरवरी 2018 की रात में न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2019, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे ही रहा। पिछले साल ग्वालियर में बारिश भी हुई थी। इस बार यहां फरवरी के पहले ही दिन बारिश का दौर रहा है।
जबलपुर में भी बदला रहता है मौसम
जबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में तापमान न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहता है। यहां फरवरी में बारिश का भी ट्रेंड है। 10 में से 6 साल यहां बारिश हो चुकी है। उज्जैन में गर्मी, बारिश और ठंड का दौर
उज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। उज्जैन में फरवरी महीने में बारिश का ट्रेंड कम ही है। .