How to keep coffee fresh : सुबह-सुबह कॉफी बनाने जाओ और डिब्बे से कॉफी बाहर ही न निकले तो दिमाग का दही हो जाता है. कई बार तो नए डिब्बे में रखने पर भी ऐसी समस्या शुरू हो जाती है. डिब्बे से कॉफी निकालने के लिए हम चम्मच से खुरचते हैं लेकिन पूरी कॉफी बाहर नहीं आ पाती.
कॉफी लवर्स के लिए यह किसी बुरे सपने से कम नहीं होता. आपको बता दें कि कॉफी का सबसे बड़ा दुश्मन है मॉइस्चर (Moisture). लेकिन परेशान होने की बात नहीं है, आप कुछ ट्रिक्स की मदद से अपने महंगे कॉफी कलेक्शन को बेकार होने से बचा सकते है. तो चलिए जानते हैं वे किचन हैक्स, जो आपकी कॉफी को महीनों तक दानेदार और खुशबूदार बनाए रखने में मदद कर सकते हैं.
1. चावल की पोटली: एक छोटे मलमल के कपड़े में एक चम्मच कच्चे चावल बांधकर छोटी सी पोटली बना लें और इसे कॉफी के डिब्बे में डाल दें. चावल नमी को सोख लेता है और कॉफी को चिपकने नहीं देता. टेंशन न लें, कॉफी में चावल का स्वाद बिल्कुल नहीं आएगा!
2. जार बदलें: अक्सर हम कॉफी को उसी कंपनी वाले जार या पैकेट में छोड़ देते हैं. इसकी जगह कॉफी को हमेशा एयरटाइट कांच के जार (Glass Jar) में रखें. प्लास्टिक के मुकाबले कांच नमी को बेहतर तरीके से रोकता है. बस यह पक्का कर लें कि उसका ढक्कन एकदम टाइट हो.
3. ‘गीला चम्मच’ यानी सबसे बड़ी गलती: हम अक्सर जल्दबाजी में किचन में काम करते हुए थोड़ा सा गीला चम्मच कॉफी के डिब्बे में डाल देते हैं. यह एक बूंद नमी ही पूरी कॉफी को पत्थर बनाने के लिए काफी है. हमेशा याद रखें—चम्मच बिल्कुल सूखा होना चाहिए!
4. चूल्हे से रखें कोसों दूर : किचन में हम अक्सर कॉफी का जार गैस के पास वाली शेल्फ पर रख देते हैं. गैस की गर्मी और खाना पकने से निकलने वाली भाप कॉफी को खराब कर देती है. अपनी कॉफी को किसी ठंडी और अंधेरी जगह (जैसे कि अलमारी के अंदर) स्टोर करें.
5. सिल्वर फॉयल का ‘एक्स्ट्रा कवच’: अगर आपको शक है कि डिब्बे का ढक्कन हवा नहीं रोक पा रहा, तो ढक्कन लगाने से पहले डिब्बे के मुँह पर एक सिल्वर फॉयल (Aluminum Foil) या प्लास्टिक रैप लगा दें. इससे बाहर की हवा अंदर नहीं जा पाएगी और आपकी कॉफी महीनों तक रिफ्रेशिंग बनी रहेगी.
अगर कॉफी जम गई है तो क्या करें?
अगर आपकी कॉफी पहले ही सख्त हो चुकी है, तो परेशान न हों. डिब्बे को कुछ घंटों के लिए फ्रिज में रख दें (फ्रीजर में नहीं). बाहर निकालने के बाद उसे हल्का सा हिलाएं, वह वापस पाउडर जैसी होने लगेगी.
कॉफी का असली मज़ा उसकी कड़क खुशबू में है. इन छोटे-छोटे बदलावों से आप न केवल अपनी कॉफी बचा सकते हैं, बल्कि हर सुबह कैफे जैसा स्वाद भी पा सकते हैं.
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