चिप्स, कुरकुरे बनाने वाली कंपनियों को चाहिए आलू की ये 5 वैरायटी, खेती से किसान बन सकते हैं अमीर

Aloo For Chips Business: क्या आप जानते हैं आलू आपको अमीर बना सकता है? आज हम बात करेंगे आलू की उन खास किस्मों की, जिनसे क्रिस्पी चिप्स, कुरकुरा बनते हैं. लेकिन, यहां बात सिर्फ आलू उगाने की नहीं है. बात है स्मार्ट फार्मिंग की यानी सीधे बाजार में आलू बेचने की बजाय अगर आप इसे प्रोसेसिंग यूनिट को बेचें, तो आपकी कमाई कई गुना बढ़ सकती है. हालांकि, इसके लिए किसानों को आलू की वो किस्में उगानी होंगी, जिनसे चिप्स बनता है. यहां जानें सब…

1. कुफरी चिप्सोना-1: आलू की इस वैरायटी में स्टार्च कंटेंट 21% से अधिक, शुगर बहुत कम होता है. इससे चिप्स सुनहरे और कुरकुरे बनते हैं. पकने में जल्दी और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अच्छी, इसका उत्पादन औसतन 25 से 30 टन प्रति हेक्टेयर है.

2. कुफरी चिप्सोना: इस आलू की चिप्स क्वालिटी बेहतरीन है. इसमें शुगर लेवल बहुत कम होता है. इसके स्टोरेज में मिठास नहीं आती. लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है. उत्पादन में 30 से 35 टन प्रति हेक्टेयर है. मैदानी इलाकों के लिए बेस्ट है.

3. कुफरी हिमसोना: यह आलू चिप्स की प्रोसेसिंग में बेस्ट माना जाता है. कम तापमान में भी अच्छी उपज देता है. 20 से 25 टन प्रति हेक्टेयर इसका उत्पादन है. पहाड़ी इलाकों में खेती करने वाले किसानों के लिए यह वरदान माना गया है.

4. कुफरी फ्रीडोम: इस आलू की खासियत है कि ये फास्ट फूड इंडस्ट्री की पहली पसंद है. यह मोटे कंद का आलू है. इसके लंबे चिप्स बनते हैं. तेल कम सोखता है, जिससे चिप्स हेल्दी बनते हैं. 35 टन तक प्रति हेक्टेयर इसका उत्पादन है. प्रोसेसिंग यूनिट के लिए आदर्श किस्म मानी गई है.

5. कुफरी स्वर्णा: चिप्स, फ्रेंच फ्राइज और अन्य स्नैक्स के लिए आलू की ये किस्म बेहद उपयोगी मानी गई है.

प्रोसेसिंग यूनिट से कमाई कैसे करें?
जब आप आलू को मंडी में बेचते हैं, तो कीमत मिलती है 6 से 10 रुपये प्रति किलो. लेकिन, जब यही आलू प्रोसेसिंग यूनिट को बेचते हैं, जैसे चिप्स बनाने वाली फैक्ट्रियों से दाम मिलते हैं 15 से 20 रुपये प्रति किलो तक! यानी सीधा दोगुना मुनाफा. अगर आप खुद की छोटी स्केल पर चिप्स यूनिट लगाते हैं, तो प्रति दिन 50 किलो चिप्स बनाकर भी आप 1000 से 1500 रुपये कमा सकते हैं. महीने में हुए 30 से 45 हजार. साल भर में 5 लाख से ज्यादा. खंडवा के किसान भागीरथ पटेल बताते हैं कि किसान आज सिर्फ आलू की प्रोसेसिंग से लाखों कमा रहे हैं. उनका कहना है कि खेती तभी फायदेमंद है, जब हम फसल बेचने की बजाय उसका वैल्यू एडिशन करें.

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *