Agency:एजेंसियां
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दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर में चीन की आक्रामक गतिविधियों से एशिया में तनाव बढ़ गया है. फिलिपींस ने बताया कि चीन के कब्जे वाले सुबी रीफ से उसके निगरानी विमान पर तीन फ्लेयर दागे गए. इसी बीच जापान ने आरोप लगाया कि चीनी फाइटर जेट्स ने ओकिनावा के पास उसके सैन्य विमान पर खतरनाक ‘फायर-कंट्रोल रडार लॉक’ किया. दोनों देशों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है.
एशिया-प्रशांत में चीन ने एक ही दिन दो मोर्चों पर ऐसा दांव खेल दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में तनातनी अचानक बढ़ गई है. पहले दक्षिण चीन सागर में फिलिपींस के निगरानी प्लेन पर चीन के कब्जे वाले सुबी रीफ से तीन फ्लेयर दागे गए, और कुछ ही घंटों बाद जापान ने आरोप लगाया कि चीनी लड़ाकू विमानों ने उसके सैन्य एयरक्राफ्ट पर फायर-कंट्रोल रडार लॉक किया, यानी वह कदम जो सीधे संभावित मिसाइल अटैक की चेतावनी माना जाता है.
फिलिपींस को चेतावनी या आक्रामकता?
फिलिपींस कोस्ट गार्ड के मुताबिक, सेसना निगरानी विमान नियमित गश्त पर था, तभी सुबी रीफ से फ्लेयर छोड़े गए. चीन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, पर यह वही जगह है जहां चीन ने पिछले दशक में कृत्रिम द्वीप बनाकर मिसाइलें तैनात कर दी हैं. फिलिपींस का कहना है कि उड़ान पूरी तरह वैध थी, और लक्ष्य सिर्फ पर्यावरण व फिशिंग मोनिटरिंग था. लेकिन प्लेन के कैमरे में कैद फ्लेयर चीन के ‘मैसेज’ की गंभीरता खुद बता रहे हैं.
जापान के जेट पर रडार लॉक
जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने दावा किया कि चीनी फाइटर्स ने ओकिनावा के पास जापानी विमानों को रडार से लॉक कर लिया, जो किसी भी सैन्य टकराव से पहले का सबसे खतरनाक कदम है. टोक्यो ने बीजिंग को कड़ा विरोध दर्ज कराया है, और इसे ‘पिछले कई वर्षों में सबसे गंभीर घटना’ बताया जा रहा है. जापान ने हाल ही में स्पष्ट कहा था कि अगर चीन ने ताइवान के खिलाफ सैन्य कदम उठाया और उसका प्रभाव जापान की सुरक्षा पर पड़ा, तो टोक्यो जवाब देगा. चीन इसी बात से भड़का माना जा रहा है.
क्या चीन दबाव बढ़ा रहा है?
दोनों घटनाओं को साथ देखें तो तस्वीर और साफ होती है. दक्षिण चीन सागर में चीन पहले से ही फिलिपींस के साथ जब देखो तब लड़ता रहता है. पूर्वी चीन सागर और ताइवान स्ट्रेट में जापान-चीन तनाव लगातार बढ़ रहा है. चीन अपने दुश्मनों को ‘एक साथ संकेत’ दे रहा है कि वह पीछे हटने वाला नहीं. यह घटन अमेरिका पर दबाव भी दबाव बढ़ाने वाली है. फिलिपींस उसका रक्षा साझेदार है, वहीं जापान उसका सबसे बड़ा एशियाई सैन्य बेस है. लेकिन खास बात यह है कि अमेरिका ने अभी तक जापान के आरोपों पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की.
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योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें
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