यह मिसाइल रूस की सैन्य शक्ति को बढ़ाने के लिए विकसित की गई है और इसका उद्देश्य पुरानी R-36M (SS-18 Satan) मिसाइलों को बदलना है. इसकी डिजाइन और विकास Makeyev Rocket Design Bureau द्वारा शुरू किया गया था और इसे 2000 के दशक में परियोजना के रूप में शुरू किया गया था. पहला सफल परीक्षण 20 अप्रैल 2022 को किया गया था.
रेंज: इसकी रेंज लगभग 18,000 किलोमीटर (11,000 मील) है, जो इसे दुनिया की सबसे लंबी दूरी वाली ICBM बनाती है. यह ध्रुवों (North या South Pole) के ऊपर से भी लक्ष्य को भेद सकती है.
पेलोड: यह 10-15 परमाणु वारहेड्स (MIRV – Multiple Independently Targetable Reentry Vehicles) ले जा सकता है! इसमें Avangard हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल भी शामिल हो सकते हैं, जो मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा दे सकते हैं.
ईंधन: यह लिक्विड-फ्यूल्ड मिसाइल है, जो भारी पेलोड ले जाने में सक्षम है, लेकिन लॉन्च तैयारी में समय लगता है.
ताकत और कमजोरी
कमजोरी: यह सॉलिड-फ्यूल्ड मिसाइलों (जैसे Minuteman III) की तुलना में लॉन्च में धीमी है और तकनीकी खामियों (जैसे 2024 का विस्फोट) से ग्रस्त रही है. इसके अलावा अमेरिका की Space-Based Infrared System इसे डिटेक्ट कर सकती है और भविष्य में अंतरिक्ष-आधारित इंटरसेप्टर इसे निष्क्रिय कर सकते हैं.
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