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Mahavir Cancer Sansthan: सायण कुणाल ने बताया कि महावीर कैंसर संस्थान वर्षों से बिहार ही नहीं, देशभर के कैंसर पीड़ितों के लिए आशा का केंद्र बना हुआ है. आधुनिक तकनीक, सस्ते इलाज और दिल से सेवा ने इसे खास पहचान दी है.
पटना. महावीर मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित महावीर कैंसर संस्थान गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए पहले से ही एक उम्मीद का सेंटर बना हुआ है. अब यह अस्पताल और भी बड़ा रूप लेने जा रहा है. आने वाले कुछ महीनों में यहां 780 बेड की सुविधा हो जाएगी. दरअसल, अस्पताल में 100 बेड वाले नए डी-ब्लॉक का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. बिल्डिंग पूरी तरह तैयार हो चुकी है और अब फ्लोर वाइज अंदरूनी काम अंतिम चरण में है.
संस्थान के अधीक्षक डॉ. एल. बी. सिंह और बिहार धार्मिक न्यास परिषद एवं महावीर स्थान न्यास समिति के सदस्य सायण कुणाल के अनुसार डी-ब्लॉक में डायग्नोस्टिक यूनिट, ओपीडी, पेट-सीटी मशीन और चार फ्लोर का इंडोर वार्ड बनाया जा रहा है. इससे मरीजों को भर्ती होकर इलाज कराने में काफी सहूलियत होगी.
दिसंबर से मिलने लगेगी लोगों को सुविधा
आपको बता दें कि महावीर कैंसर संस्थान के नए ब्लॉक का एक फ्लोर इसी साल दिसंबर तक चालू कर दिया जाएगा, जबकि बाकी फ्लोर फेज वाइज अगले छह महीनों में शुरू होंगे. फिलहाल संस्थान में पहले से ही 2017 से पेट-सीटी मशीन की सुविधा मौजूद है, लेकिन नई मशीन लगने के बाद जांच प्रक्रिया और भी आसान और सटीक हो जाएगी. इलाज का खर्च दूसरे बड़े अस्पतालों की तुलना में काफी कम होने के कारण यहां मरीजों की भीड़ हमेशा बनी रहती है. कई बार तो बेड के इंतजार में मरीजों को समय लग जाता है.
सायण कुणाल ने बताया कि महावीर कैंसर संस्थान वर्षों से बिहार ही नहीं, देशभर के कैंसर पीड़ितों के लिए आशा का केंद्र बना हुआ है. आधुनिक तकनीक, सस्ते इलाज और दिल से सेवा ने इसे खास पहचान दी है.
बच्चों के लिए अलग से कैंसर अस्पताल
महावीर ट्रस्ट अब बच्चों के लिए भी बड़ी पहल करने जा रहा है. आचार्य किशोर कुणाल बाल कैंसर अस्पताल नाम से 100 बेड का एक नया अस्पताल बनाया जा रहा है. यह पूरी तरह कैंसर पीड़ित बच्चों के इलाज को समर्पित होगा. इसका निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और 2027 तक इसके तैयार होने की उम्मीद है. इस अस्पताल में 18 साल तक के बच्चों को नि:शुल्क इलाज की सुविधा दी जाएगी. यहां जांच और उपचार के लिए सभी आधुनिक उपकरण और तकनीकें होंगी. ट्रस्ट की कोशिश है कि बिहार के बच्चों को इलाज के लिए अब बाहर नहीं जाना पड़े.
पूर्वी भारत का सबसे बड़ा कैंसर संस्थान
दोनों अस्पताल मिलकर जब पूरी तरह तैयार हो जाएंगे, तब महावीर कैंसर संस्थान की कुल क्षमता लगभग 900 बेड की हो जाएगी. यह बिहार ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वी भारत में कैंसर इलाज के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा.