हाथों में बैनर-पंपलेट लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए छात्र
शाजापुर के मोहन बड़ोदिया में राजस्थान के झालावाड़ जिले के सरकारी स्कूल में हुए हादसे के विरोध में छात्रों ने रैली निकाली। इस हादसे में आधा दर्जन से अधिक छात्रों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे।
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बुधवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विद्यार्थी संगठन के नेतृत्व में एक पैदल मार्च निकाला गया। संगठन के जिला अध्यक्ष सुनील आंबेडकर के मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारी डॉ. अंबेडकर बस स्टैंड से फूलचंद चौराहा होते हुए पुनः बस स्टैंड तक पैदल मार्च किया। छात्रों ने हाथों में बैनर और पेंपलेट लेकर राजस्थान सरकार, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने राजस्थान सरकार की ओर से मृतक छात्रों के परिवारों को दिए गए 10 लाख रुपए के मुआवजे को अपर्याप्त बताया। उन्होंने मुआवजे की राशि बढ़ाकर कम से कम ₹1 करोड़ प्रति पीड़ित परिवार करने की मांग की।
छात्रों ने अहमदाबाद विमान दुर्घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां धनाढ्य वर्ग को 1 करोड़ रुपए तक मुआवजा दिया गया, जबकि गरीब परिवारों को बहुत कम सहायता मिली।
उन्होंने इसे मुआवजे में अमीरी-गरीबी का भेदभाव बताया। पैदल मार्च के समापन पर छात्रों ने मृतक छात्रों की तस्वीरों के सामने कैंडल जलाकर मौन श्रद्धांजलि दी और शांति की प्रार्थना की।
संगठन ने मध्यप्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा का तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की। उनका कहना था कि इससे भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सकेगा और किसी और मासूम की जान असुरक्षित इमारतों की वजह से नहीं जाएगी।
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