बचपन का हुनर बना बड़ा बिजनेस… शादी के बाद ललिता बनीं टॉप साड़ी डिजाइनर

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Ranchi Success Story: रांची की ललिता सिंह झा मधुबनी पेंटिंग में माहिर साड़ी डिजाइनर हैं. 2017 में उन्होंने स्टोर शुरू किया. उनके क्लाइंट्स में आईएएस और जज शामिल हैं. पति का सहयोग उनकी सफलता का कारण है. आइये जानते हैं उनकी सफलता के बारे में.

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रांची: झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली ललिता सिंह झा आज रांची की जाने मानी साड़ी डिजाइनर हैं. वह खासतौर पर साड़ी में पेंटिंग करने का काम करती हैं. मधुबनी पेंटिंग मे इनका हाथ पूरी तरह फिनिश है. यह सिल्क के कपड़ों में पेंटिंग करती हैं. साड़ी से लेकर कुर्ती, मेंस कुर्ते से लेकर कोर्ट हर एक चीज यह बनाने का काम करती हैं. आईएएस से लेकर जज तक इनके क्लाइंट्स हैं. आइये जानते हैं इनकी सफलता की कहानी.

ललिता ने लोकल 18 को बताया कि वह शादी के बाद रांची आ गई. सपना तो बचपन से था कि कुछ बड़ा करने का. बचपन से ही मम्मी को पेंटिंग बनाते देखी हैं. हमारे यहां मधुबनी में सारे लोग पेंटिंग बनाते हैं. मैं भी बनाती थी तो यह हूनर तो हाथ में था, लेकिन यह नहीं सोचा था कि इसको कभी मैं बिजनेस में भी बदल पाऊंगी. शादी के बाद बच्चे भी हुए और लगा कि अब कुछ करना चाहिए.

2017 में शुरू किया छोटा सा स्टोर

इसके बाद 2017 में आखिरकार उन्होंने अपना एक छोटा सा स्टोर शुरू किया. जहां पर उनके द्वारा पेंट की गई सारी साड़ियों के कलेक्शन डिस्प्ले किये गए. सिर्फ साड़ी की ही नहीं, बल्कि कुर्ती, धोती, बंदी, कोर्ट, लहंगा, चुनरी यह सारी चीज. वह सारी चीजों की पेंटिंग अपने हाथ से बनाती थीं. एकदम प्योर सिल्क के फैब्रिक में. जिसकी खूबसूरती देखने लायक रहती है.

ललिता ने बताया कि मैं जो बनाती हूं. यह सभी यूनिक कलेक्शन होता है. मतलब ऐसा दूसरा डिजाइन आप पूरे मार्केट में खोज कर दिखा नहीं सकते हैं. हां! अगर मेरा कोई कॉपी कर ले तो अलग बात है. हम लोग रामायण, महाभारत और पौराणिक कथाओं के एक-एक सीन को उठाते हैं और उसको अपने हाथों से बनाते हैं. मतलब की यूनिक के साथ ही ट्रेडिशनल भी लगता है.

उनकी डिजाइन विशेष वर्ग को है पसंद

उन्होंने बताया कि आज 50000 रुपये से डेढ़ लाख तक की साड़ी की बिक्री होती है. जहां लोग डिमांड करते हैं. उनसे लोग कस्टमाइज करवाते हैं. एक विशेष वर्ग होते हैं, जो इस तरह की चीज मतलब हाथ से बनी चीजों को खूब पसंद करते हैं तो एक साड़ी का लाख रुपए भी देने के लिए भी तैयार रहते हैं और सिर्फ रांची ही नहीं, रांची से बाहर जिलों से और बड़े-बड़े अधिकारी इनमें से अधिक ऑर्डर करते हैं.

ललिता बताती हैं कि इसमें मेरे पति को बहुत बड़ा सहयोग रहा है. उन्होंने हमेशा मुझे मोटिवेट किया है. वह मुझे कहते रहते थे की कुछ बढ़िया करो. उन्होंने मेरी जिंदगी की कई सारे पहलू को संभाला. ताकि मैं यहां पर अपना पूरा समय दे पाऊं. आज जो भी हूं. उन्हीं की बदौलत हूं.

About the Author

Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें

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