मुख्यमंत्री बोले- सूरीनाम का असली नाम था ‘श्रीराम’: भोपाल के मैनिट में कहा-हमारी पहचान हिंदी, अब डॉक्टर अपनी भाषा में भी बन सकते हैं – Bhopal News

भोपाल के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में शनिवार को ‘तूर्यनाद-25’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए हिंदी और भारतीय भाषाओं की ताकत पर जोर दिया।

.

उन्होंने कहा कि दक्षिण अमेरिका का देश सूरीनाम असल में ‘श्रीराम’ कहलाता था, लेकिन समय के साथ उसका उच्चारण बदल गया। इसके अलावा उन्होंने मजाकिया अंदाज में पाकिस्तान और हिंदुस्तान का जिक्र किया और कहा कि हिंदी का मजा ही अलग है।

मैनिट में शनिवार को आयोजित ‘तूर्यनाद-25’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए।

उच्चारण बदलने से ‘श्रीराम’ बना ‘सूरीनाम’

मुख्यमंत्री ने कहा कि दक्षिण अमेरिका का एक देश है सूरीनाम, जिसका असली नाम ‘श्रीराम’ था। उन्होंने बताया कि उज्जैन में आयोजित कालिदास समारोह में सूरीनाम की राजदूत आई थीं। जब उनसे पूछा गया कि आपके देश का सही नाम क्या है, तो उन्होंने खड़े होकर कहा कि हमारे देश का नाम श्रीराम है। समय के साथ उच्चारण में बदलाव होने से यह ‘सूरीनाम’ बन गया।

सीएम बोले- सुन ले बेटा पाकिस्तान, बाप है तेरा हिंदुस्तान सीएम ने कहा कि हिंदी भाषा कई उतार-चढ़ाव और चुनौतियों से निकलकर आई है। लगभग एक हजार साल पुरानी इस भाषा की ताकत यह है कि यह आम आदमी से लेकर बड़े नेताओं तक सबकी ज़ुबान पर है। पाकिस्तान का जिक्र करते हुए उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, वहां का छोटे से छोटा और बड़े से बड़ा आदमी जब बात करता है तो हिंदी में ही करता है। इसलिए तो मजाक में कहते हैं कि सुन ले बेटा पाकिस्तान, बाप है तेरा हिंदुस्तान। चाहे कुछ भी हो जाए, बाप तो हिंदुस्तान ही रहेगा।

डॉक्टर अपनी भाषा में भी बन सकते हैं डॉ. यादव ने छात्रों से कहा कि दुनिया के बड़े देशों में डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक अपनी-अपनी मातृभाषा में पढ़कर बनते हैं। “रूस, चीन और जापान के बच्चे अपनी भाषा में डॉक्टर बन सकते हैं, तो भारत के लोग क्यों नहीं? यही कारण है कि हमारी सरकार ने स्थानीय भाषाओं में उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों को भविष्य में मैनिट में और बड़े कार्यक्रम करने का आमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि अगला कार्यक्रम करना हो तो मुख्यमंत्री निवास पर करें, जहां मिलकर राष्ट्रभाषा हिंदी पर संवाद करेंगे।

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *