सावधान! गर्भवती महिलाओं में आ रही यह समस्या, मुरादाबाद में बढ़ रहे केस, जानिए वजह और बचाव का तरीका

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Health Tips: मुरादाबाद में गर्भवती महिलाओं को पानी की कमी से स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं. डॉ. निर्मला पाठक ने रोज 3-4 लीटर पानी पीने की सलाह दी है, जिससे शिशु का विकास बेहतर हो सके.

मुरादाबाद में गर्भावस्था के दौरान पानी की कमी गर्भवती महिलाओं और शिशु दोनों के लिए गंभीर खतरा बन रही है. चिकित्सकों का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने के कारण महिलाओं को पेशाब के समय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जिला अस्पताल में आने वाली महिलाओं में से औसतन 10 से 12 महिलाओं में यह समस्या देखने को मिल रही है.

महिलाओं को करना पड़ रहा परेशानियों का सामना

चिकित्सकों का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने के कारण महिलाओं को प्रसव के समय परेशानियों का सामना करना पड़ता है. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में पोषण तत्वों के साथ साथ पानी की कमी भी आम समस्या है. जिला अस्पताल में आने वाली महिलाओं में से औसतन 10-12 महिलाओं में ये समस्या देखने को मिल रही है.

इतना पीना चाहिए पानी

जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. निर्मला पाठक ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को रोज 3-4 लीटर पानी पीना चाहिए. पानी की कमी से गर्भस्थ शिशु का सामान्य रूप से वजन नहीं बढ़ पाता. इसका असर सीधे शिशु के अंगों के विकास पर पड़ता है. उन्होंने बताया कि इससे ब्लड प्रेशर, डिहाइड्रेशन, मांसपेशियों में खिंचाव जैसी दिक्कतें सामने आती हैं और समय से पहले प्रसव का खतरा भी बढ़ जाता है. गर्भावस्था में पानी की कमी मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. शरीर में पानी की मात्रा कम होने पर खून गाढ़ा हो जाता है. जिससे भ्रूण तक पर्याप्त पोषण और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती.

पानी की मात्रा में हो बढ़ोतरी

कई मामलों में शिशु का वजन सामान्य से कम रह जाता है और प्रसव के दौरान जटिलताएं बढ़ जाती हैं. बताया कि गर्मी के मौसम में या अधिक शारीरिक श्रम करने पर यह मात्रा और बढ़ाई जानी चाहिए. पर्याप्त पानी का सेवन न केवल शरीर को हाइड्रेट रखता है बल्कि विषैले तत्वों को बाहर निकालने में भी मदद करता है. ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अक्सर घरेलू और खेतों के कार्य में व्यस्त रहती हैं. जिससे वे पानी पीने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पातीं. साथ ही उनमें पोषण की कमी भी अधिक पाई जाती है. ऐसे में गर्भस्थ शिशु का विकास प्रभावित होता है.

Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हूं. पत्रकारिता की शुरुआत 2010 में नई दुनिया अखबार से की, जिसके बाद सफर लगातार आगे बढ़ता गया. हिंदुस्तान, शुक्रवार पत्रिका, नया इंडिया, वेबदुनिया और ईटीवी जैस…और पढ़ें

पिछले एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हूं. पत्रकारिता की शुरुआत 2010 में नई दुनिया अखबार से की, जिसके बाद सफर लगातार आगे बढ़ता गया. हिंदुस्तान, शुक्रवार पत्रिका, नया इंडिया, वेबदुनिया और ईटीवी जैस… और पढ़ें

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गर्भवती महिलाओं में आ रही यह समस्या, मुरादाबाद में बढ़ रहे केस, जानिए वजह

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