शतरंज की दुनिया में इन दिनों रोमांच अपने चरम पर है और महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में मुकाबला काफी कड़ा देखने को मिल रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार सातवें दौर के बाद यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक शीर्ष स्थान पर बनी हुई हैं और विश्राम दिवस से पहले उन्होंने कुल साढ़े चार अंक के साथ बढ़त बनाए रखी है।
बता दें कि इस टूर्नामेंट का महिला वर्ग काफी संतुलित रहा है, जहां किसी एक खिलाड़ी का दबदबा नहीं दिखा है। मुजिचुक ने अब तक सीमित जीत और कई बराबरी के मुकाबलों के दम पर बढ़त बनाई है, जिसमें उन्होंने कातेरिना लाग्नो और झू जिनर के खिलाफ अहम जीत दर्ज की है।
गौरतलब है कि सातवें दौर में मुजिचुक का मुकाबला बिबिसारा अस्साउबायेवा से हुआ, जो अपेक्षाकृत शांत रहा और 26 चालों में बराबरी पर खत्म हुआ। यह दिन के तीन बराबरी वाले मुकाबलों में से एक था, जबकि बाकी मुकाबले ज्यादा लंबी और जटिल स्थिति में पहुंचे।
मौजूद जानकारी के अनुसार भारतीय खिलाड़ी दिव्या देशमुख और कातेरिना लाग्नो के बीच मुकाबला इस टूर्नामेंट का सबसे लंबा खेल साबित हुआ, जो 135 चालों तक चला। शुरुआती मध्य खेल में दिव्या ने बढ़त बनाई और जीत की मजबूत संभावना बनाई, लेकिन लाग्नो ने धैर्य के साथ बचाव करते हुए मुकाबले को बराबरी की ओर मोड़ दिया। अंत में स्थिति बराबरी की रही, हालांकि दिव्या ने आखिरी तक दबाव बनाए रखा।
वहीं एक अन्य मुकाबले में अलेक्जेंड्रा गोऱ्याचकिना ने झू जिनर के खिलाफ लंबे समय तक दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन झू ने सटीक बचाव करते हुए खेल को संतुलित रखा और मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ।
गौरतलब है कि इस दौर का एकमात्र निर्णायक मुकाबला वैषाली रामेशबाबू और तान झोंगयी के बीच खेला गया। शुरुआत में तान झोंगयी मजबूत स्थिति में दिखीं, लेकिन अंतिम चरण में की गई एक बड़ी गलती ने मुकाबले का रुख बदल दिया। वैषाली ने मौके का फायदा उठाते हुए जीत हासिल की और अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गईं।
मौजूद जानकारी के अनुसार सात दौर के बाद अंक तालिका में मुजिचुक सबसे आगे हैं, जबकि वैषाली उनके पीछे मजबूत चुनौती पेश कर रही हैं। टूर्नामेंट का दूसरा चरण और भी ज्यादा निर्णायक माना जा रहा है, जहां हर मुकाबला खिताब की दिशा तय करेगा।
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