PPF स्कीम में लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है. ऐसे में मान लीजिए कि आप हर साल अपने पीपीएफ अकाउंट में 1 लाख रुपये जमा करते हैं, तो 15 सालों में आपकी कुल जमा राशि 15 लाख रुपये होगी. इस पर सालाना 7.1 परसेंट ब्याज मिले, तो कुल ब्याज की रकम 12 लाख 12 हजार 139 रुपये होगी. यानी कि टोटल आपको 15,00000 +1212139= 27 लाख 12 हजार 139 रुपये मिलेंगे. पीपीएफ के इन ढेर सारे फायदों के बारे में जानकर मन में यह ख्याल आ ही सकता है कि क्या कोई व्यक्ति एक से ज्यादा पब्लिक प्रोविडेंट फंड अकाउंट खोल सकता है?
क्या एक से ज्यादा खोल सकते हैं PPF अकाउंट?
भारत सरकार के नियम के मुताबिक, चाहे बैंक हो या पोस्ट ऑफिस, पूरे भारत में आपके नाम सिर्फ एक ही PPF अकाउंट होना चाहिए. पब्लिक प्रोविडेंट फंड स्कीम 2019 के अनुसार, कोई भी व्यक्ति फॉर्म-1 भरकर PPF अकाउंट खोल सकता है. हालांकि, एक व्यक्ति के नाम पर सिर्फ एक ही PPF अकाउंट खोला जा सकता है. इस स्कीम के तहत एक से ज्यादा पर्सनल PPF अकाउंट खोलने का कोई नियम नहीं है. इसके अलावा, जॉइंट PPF अकाउंट की भी इजाजत नहीं है. ये सभी नियम वित्त मंत्रालय के तहत नेशनल सेविंग्स इंस्टीट्यूट की ऑफिशियल वेबसाइट पर बताए गए हैं.
PPF अकाउंट PAN से जुड़ा होता है इसलिए वेरिफिकेशन के दौरान एक से ज्यादा अकाउंट होने का आसानी से पता लगाया जा सकता है. अगर कई अकाउंट पाए जाते हैं, तो एक्स्ट्रा अकाउंट को इनवैलिड माना जा सकता है. ऐसे अकाउंट में जमा रकम बिना ब्याज के वापस कर दी जाएगी और सिर्फ एक ही अकाउंट चालू रखने की इजाजत होगी.
नाबालिग के नाम PPF अकाउंट
नियमों के मुताबिक, माता-पिता या कानूनी रूप से बच्चों के अभिभावक को नाबालिग बच्चे या मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति के नाम पर PPF अकाउंट खोलने की इजाजत है. हालांकि, एक बच्चे के नाम पर सिर्फ एक ही PPF अकाउंट खोला जा सकता है.
स्कीम के नियमों के मुताबिक, हर फाइनेंशियल ईयर में कम से कम 500 रुपये और ज्यादा से ज्यादा 1.5 लाख रुपये जमा करना होगा. कुल मिलाकर 1.5 लाख रुपये की लिमिट लागू होती है. PPF स्कीम का मकसद लंबे समय की डिसिप्लिन्ड सेविंग्स को बढ़ावा देना है इसलिए इसमें इन्वेस्टमेंट लिमिट तय की गई है. अगर कोई इन्वेस्टर PPF लिमिट से ज्यादा बचत करना चाहता है, तो उसे दूसरा ऑप्शन तलाशना होगा.
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