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Diabetes and Infertility in Men: डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है, जिसकी वजह से महिला और पुरुषों की फर्टिलिटी कम होने लगती है. अनकंट्रोल डायबिटीज पुरुषों में स्पर्म क्वालिटी और महिलाओं में हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़कर फर्टिलिटी को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है. सही समय पर शुगर कंट्रोल और मेडिकल सलाह से इस खतरे को कम किया जा सकता है.
Impact of Diabetes on Male Fertility: डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसमें व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल अनकंट्रोल होने लगता है. इसे कंट्रोल करने के लिए दवा, इंसुलिन और डाइट का सहारा लेना पड़ता है. कई लोग अपने शुगर लेवल को कंट्रोल नहीं रखते हैं, जिसका असर उनकी सेहत पर बुरी तरह पड़ता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि लंबे समय तक डायबिटीज कंट्रोल न हो, तो इससे लोगों की फर्टिलिटी यानी संतान पैदा करने की क्षमता कम हो सकती है. पुरुष हों या महिलाएं दोनों में डायबिटीज से जुड़ी समस्याएं फर्टिलिटी को नुकसान पहुंचाती हैं. कई बार तो यंग लोग भी इसके कारण इनफर्टिलिटी का शिकार हो जाते हैं. ऐसे में डायबिटीज से जुड़ी परेशानियों के बारे में सभी को जान लेना चाहिए.
ग्रेटर नोएडा के Bliss आईवीएफ एंड गायनी केयर सेंटर की स्पेशलिस्ट डॉ. सोनाली गुप्ता ने News18 को बताया कि जब ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल से ज्यादा रहता है, तब यह हमारे शरीर के सभी ऑर्गन्स को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है. इससे लिवर, किडनी और नसों समेत अधिकतर ऑर्गन्स पर बुरा असर पड़ता है. हाई ब्लड शुगर का असर लोगों की रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर भी पड़ता है और फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं पैदा होने लगती हैं. आजकल बहुत से ऐसे लोग सामने आते हैं, जो डायबिटीज के कारण बच्चे पैदा नहीं कर पा रहे हैं. ऐसी कंडीशन में डायबिटीज को कंट्रोल किया जाता है और फिर फर्टिलिटी को बढ़ाने के तरीके अपनाए जाते हैं. ऐसा नहीं है कि डायबिटीज के सभी मरीज इनफर्टिलिटी का शिकार होते हैं, लेकिन करीब 30% लोगों में फर्टिलिटी से जुड़ी दिक्कतें देखने को मिलती हैं. लोगों को इस परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
पुरुषों में डायबिटीज का सबसे बड़ा असर स्पर्म क्वालिटी पर पड़ता है. हाई ब्लड शुगर के कारण स्पर्म की संख्या कम हो सकती है, उनकी मूवमेंट धीमी पड़ जाती है और डीएनए डैमेज का खतरा बढ़ जाता है. डायबिटीज से शरीर की नसों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या भी हो सकती है. ये सभी कारण पुरुषों की फर्टिलिटी को प्रभावित करते हैं. डॉक्टर ने बताया कि महिलाओं में डायबिटीज हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ सकती है. अनियमित पीरियड्स, ओवुलेशन में दिक्कत और पीसीओएस जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. लंबे समय तक ब्लड शुगर कंट्रोल में न रहने से एग की क्वालिटी भी प्रभावित हो सकती है, जिससे कंसीव करने में परेशानी आती है या मिसकैरेज का खतरा बढ़ जाता है.
एक्सपर्ट ने बताया कि डायबिटीज सिर्फ फर्टिलिटी पर ही नहीं, बल्कि प्रेग्नेंसी के दौरान भी जोखिम बढ़ाती है. हाई ब्लड शुगर होने पर गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास पर असर पड़ सकता है. समय से पहले डिलीवरी, जन्मजात समस्याएं और मां में हाई बीपी जैसी कॉम्प्लिकेशंस का खतरा रहता है. इसलिए डायबिटीज में प्रेग्नेंसी प्लान करना बिना मेडिकल सलाह के खतरनाक हो सकता है. राहत की बात यह है कि डायबिटीज कंट्रोल में हो, तो फर्टिलिटी पर पड़ने वाले असर को काफी हद तक रोका जा सकता है. सही डाइट, नियमित एक्सरसाइज, वजन कंट्रोल और समय पर दवाइयों से ब्लड शुगर को संतुलित रखा जा सकता है. कई मामलों में ब्लड शुगर कंट्रोल होने के बाद फर्टिलिटी में सुधार भी देखा गया है.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें