सिवनी के शासकीय प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा और जागरूकता पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। प्रशिक्षक के.सी. राउर ने बताया कि इस पहल के तहत जिले के शासकीय और अशासकीय महाविद्यालयों में राष्ट्रीय कार्य बल (एनट
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इस प्रशिक्षण शिविर में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ समस्त स्टाफ ने भाग लिया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्राप्त की। महाविद्यालय के डॉ. पवन वासनिक ने मानसिक स्वास्थ्य की अवधारणा, इसका महत्व और मानसिक समस्याओं से ग्रसित व्यक्तियों के प्रति सहयोगात्मक एवं संवेदनशील व्यवहार अपनाने की आवश्यकता पर विस्तार से बताया।
डॉ. वासनिक ने इस बात पर जोर दिया कि समय पर पहचान और उचित सहयोग से कई गंभीर मानसिक समस्याओं से बचाव संभव है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
प्रशिक्षक के.सी. बापू राउर ने शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने युवाओं में मानसिक तनाव के कारणों और लक्षणों को समझने की जरूरत पर बल दिया। राउर ने कहा कि समय रहते मानसिक समस्याओं की पहचान कर उनका प्रभावी समाधान किया जा सकता है, जिससे आत्महत्या जैसी घटनाओं की रोकथाम संभव है।मानसिक तनाव से उबरने के लिए उन्होंने नियमित दिनचर्या, नशे से दूरी, योग, ध्यान व प्राणायाम, सकारात्मक सोच, परिवार व समाज में खुला संवाद, तुलना से बचना और भावनात्मक सहयोग प्रदान करने जैसे व्यावहारिक सुझाव दिए।

कार्यक्रम में जिला चिकित्सालय सिवनी की काउंसलर मानसी पनागर ने जिले में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में संचालित “मनकक्ष” और टोल फ्री नंबर के माध्यम से मानसिक रोग से ग्रसित व्यक्ति परामर्श और उपचार प्राप्त कर सकते हैं।

प्रशिक्षण शिविर के समापन पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रविशंकर नाग ने एनटीएफ के माध्यम से ऐसे प्रशिक्षण शिविरों के निरंतर आयोजन और निगरानी की बात कही। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सभी स्टाफ और विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और महाविद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा।