सागर में 598 करोड़ का बनेगा बाईपास, 18 गांवों की NH से होगी सीधी कनेक्टिविटी, यहां बढ़ने लगे जमीनों के रेट

Sagar News: सागर में 598 करोड़ की लागत से 20 km लंबे बाईपास का निर्माण किया जाना है. इसके लिए भूमि अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. साथ ही जिन गांवों में आपत्तियां लगाई गई, उनका सर्वे कार्य दोबारा शुरू हो गया है. 20 km लंबे इस बाईपास को 60 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है. साथ ही, जहां पर भी गांव से कनेक्टिविटी होगी, वहां क्रॉसिंग पर रैंप, अंडरपास, फ्लाईओवर बनाए जाएंगे. अगले 24 महीने में इस बाईपास को पूरा करने का लक्ष्य है. अभी तक 8 से ज्यादा गांव में भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है, उसकी मुआवजे राशि भी वितरित कर दी गई है.

सागर के लेहदरा गांव से बेरखेड़ी गुरु तक यह बाईपास बनाया जा रहा है. यह बाईपास भोपाल-सागर नेशनल हाईवे और कश्मीर कन्याकुमारी नेशनल हाईवे 44 से सीधा कनेक्ट रहेगा. इसके अलावा, इसमें 18 गांव भी सीधे जुड़ेंगे, जिनकी नेशनल हाईवे से कनेक्टिविटी होगी. जो वाहन चालक, अभी शहर के अंदर से गुजरते हैं तो उन्हें दो से ढाई घंटे का समय लगता है. साथ ही 9:00 से रात 11:00 बजे तक नो एंट्री भी रहती है. बाईपास निर्माण होने के बाद भारी वाहन भी 45 मिनट में रास्ते को तय कर सकेंगे. 24 घंटे गुजर सकेंगे.

बाईपास बनने के इतने फायदे
बाईपास बढ़ने की वजह से शहर में जो सड़क दुर्घटनाएं महीने 2 महीने में सामने आती रहती है, उन पर रोक लगेगी. साथ ही जो सड़क जल्दी खराब हो जाती हैं, उनसे भी राहत मिलेगी. क्योंकि, सागर से रोजाना 5000 से अधिक भारी वाहन गुजरते हैं. सागर ऐसा जिला है, जो प्रदेश के मध्य में है और अधिकांश जिलों में होने वाली सप्लाई के लिए ट्रांसपोर्ट का रास्ता यहीं से होकर निकलता है. सागर में 20 साल से बाईपास बनाने की मांग की जा रही थी, जिस पर 4 साल पहले ही मंजूरी मिल गई थी. लेकिन, अलग-अलग कारणों की वजह से यह मामला अटकता रहा. अब टेंडर जारी कर दिए गए हैं. अगले दो-तीन महीना में इसका काम भी शुरू होने की संभावना है.

आसमान में पहुंचने लगे जमीन के रेट
लेहदरा, बदौना, रजौआ, अर्जनी, आमेठ, मसानझिरी, कनेरादेव, सुल्तानपुरा, मझगुवां, चितौरा, बेरखेड़ी गुरु जैसे 18 गांव से होकर यह बाईपास गुजर रहा है. बाईपास निर्माण होने के बाद सबसे पहले तो इन गांव के जमीनों के दाम 6- 8 गुना बढ़ जाएंगे. केवल प्रस्ताव बनने से ही यहां के भाव चार गुना बढ़ गए हैं. यहां पर कुछ गांव का सरकारी रेट एक करोड़ प्रति एकड़ तक हो गया है. नेशनल हाईवे के किनारे बसे तीन-चार गांव के लोग सरकारी रेट से 3 गुना राशि मुआवजा के रूप में मांग रहे हैं. कुछ लोगों का आरोप है कि जरूरत से ज्यादा उनकी जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है. ऐसे में जितनी जमीन की जरूरत है, उतनी ही जमीन लें.

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *