हरदा शहर के घंटाघर चौक पर शनिवार को कांग्रेस ने मुक्तिधाम के पास प्रस्तावित कचरा ट्रीटमेंट प्लांट के विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया। इस दौरान डेढ़ सौ से अधिक लोगों ने प्लांट के खिलाफ हस्ताक्षर किए। अभियान में शामिल किसी भी व्यक्ति ने प्रस्तावित प्लांट के पक्ष में अपनी सहमति नहीं दी। पूर्व नपाध्यक्ष हेमंत टाले ने बताया कि जिस स्थान पर लीगेसी वेस्ट रेमिडियेशन कार्य की डीपीआर पर विचार किया जा रहा है, वहां वर्तमान में भी नगर पालिका द्वारा पूरे शहर का कचरा डंप किया जाता है। यहां लगातार लगने वाली आग के कारण पूरे शहर में जहरीला धुआं फैलता है, जिससे आसपास के निवासियों को सांस लेने में भी कठिनाई होती है। टाले ने आगे बताया कि यह स्थल नदी से सटा हुआ है, और यहां इस तरह का निर्माण एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन होगा। यदि इस स्थान पर प्लांट स्थापित किया जाता है, तो भविष्य में भूमिगत जल, दुर्गंध और कचरा जलने से लगातार प्रदूषण फैलता रहेगा। यह निर्णय शहर की मौजूदा समस्या को कम करने के बजाय स्थायी रूप से बढ़ा देगा। उन्होंने नपाध्यक्ष और पार्षदों को लिखे पत्र में सुझाव दिया कि पूर्व में रिछाड़िया में जिस स्थल का चयन तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा एनजीटी के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए किया गया था, उसी स्थान पर यह प्लांट शुरू किया जाना चाहिए। रिछाड़िया का चयनित स्थल ऐसे प्लांट की स्थापना के लिए सभी नियमों पर खरा उतरता है। हेमंत टाले ने कहा कि रिछाड़िया में प्लांट के चालू होने से शहरवासियों के स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा और न ही प्रदूषण फैलने की संभावना होगी। इसके अतिरिक्त, इस प्लांट के संचालन से नगर पालिका का आर्थिक व्यय भी बचेगा। उन्होंने नपाध्यक्ष से हरदा नगर के हित में उचित निर्णय लेने की अपील की है। .