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Banana Farming Success Story: बुरहानपुर की महिला किसान रतना मेढे ने प्राकृतिक केले की खेती से अपनी किस्मत बदल दी है. एक एकड़ में करीब 30 हजार की लागत लगाकर वे सालाना 3 से 4 लाख रुपये तक कमा रही हैं. वे खेती में किसी भी प्रकार के रासायनिक खाद का उपयोग नहीं करतीं और गोबर से जैविक खाद तैयार करती हैं. उनके खेत का केला स्वाद में मीठा और बाजार में बेहद मांग वाला है. जानिए कैसे प्राकृतिक खेती ने एक गृहिणी को सफल किसान बना दिया.
केले की खेती से मुनाफा: मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के बखरी गांव की महिला किसान रतना मेढे आज अपनी प्राकृतिक खेती की वजह से चर्चा में हैं. कभी सिर्फ गृहिणी रहीं रतना ने खेती का प्रशिक्षण लिया और फिर एक एकड़ में प्राकृतिक तरीके से केले की खेती शुरू कर दी. आज हालात ये हैं कि उनकी सालाना कमाई 3 से 4 लाख रुपये तक पहुंच गई है. खास बात यह है कि वे अपनी खेती में किसी भी तरह के रासायनिक खाद या केमिकल का इस्तेमाल नहीं करतीं.
एक एकड़ में प्राकृतिक केला, जबरदस्त डिमांड
रतना मेढे बताती हैं कि वे कक्षा आठवीं तक पढ़ी हैं और परिवार पहले से परंपरागत केले की खेती करता था. लेकिन प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने पूरी तरह प्राकृतिक खेती अपनाई. उनके खेत में उगने वाला केला बाहर से हरा और अंदर से सफेद होता है, स्वाद में बेहद मीठा. यही वजह है कि लोग सीधे उनके घर पहुंचकर केला खरीदते हैं. रतना का दावा है कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी उनके खेत का केला चख चुके हैं.
30 हजार की लागत, 4 लाख तक कमाई
रतना बताती हैं कि एक एकड़ में केले की फसल लगाने में करीब 30 हजार रुपये का खर्च आता है. क्योंकि वे बाजार से रासायनिक खाद नहीं खरीदतीं, बल्कि घर पर ही गोबर से जैविक खाद तैयार करती हैं. कम लागत और अच्छे दाम मिलने की वजह से सालभर में 3 से 4 लाख रुपये तक की आमदनी हो जाती है. उनके मुताबिक प्राकृतिक तरीके से उगाया गया केला ज्यादा स्वादिष्ट होता है, इसलिए ग्राहक खुद उनके पास आते हैं.
परिवार का पूरा साथ
रतना कहती हैं कि इस काम में उनके पति और परिवार का पूरा सहयोग मिलता है. खेती में नवाचार और प्राकृतिक तरीके अपनाने से उनकी जिंदगी बदल गई है. आज वे न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं.
प्राकृतिक खेती से बदल रही तस्वीर
रतना मेढे की कहानी बताती है कि अगर सही प्रशिक्षण और मेहनत हो तो कम जमीन में भी अच्छी कमाई संभव है. प्राकृतिक खेती से लागत कम होती है और बाजार में बेहतर दाम भी मिलते हैं. ऐसे में यह मॉडल अन्य किसानों के लिए भी मिसाल बन सकता है.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
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