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मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू हुआ था. इसके बाद 18 फरवरी को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के द्वारा बजट भी पेश किया गया, लेकिन अब बजट सत्र को समय से पहले ही खत्म कर दिया गया. इस बात की जानकारी विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने दी.
रिपोर्ट-रामाकांत दुबे/भोपाल
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र समय से पहले ही खत्म हो चुका है. अब विधानसभा का बजट सत्र अनिश्विचकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है. तय कार्यक्रम के मुताबिक बजट सत्र को 6 मार्च 2026 तक चलना था. इसी सत्र में 4.38 लाख करोड़ रुपए का बजट पारित किया है. यह बजट पूरी तरह से पेपरलेस था और इसे डिजिटल स्वरूप में पेश किया गया. सदन में जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई.
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी. मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 10 दिनों तक चला, जिसकी कुल कार्यवाही 62 घंटे दर्ज की गई. वहीं कांग्रेस विधायक अनुभव मुंजारे ने बजट सत्र की कार्यवाही जल्दी खत्म होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उन्हें बोलना था, लेकिन बात रखने का अवसर नहीं मिल पाया.
कैलाश विजयवर्गीय ने कही ये बात
संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कार्यमंत्रणा समिति में जो तय हुआ, वो पूरा बिजनेस सदन में पूरा हुआ. इस दौरान हमें विपक्ष का भी साथ मिला है. कार्यमंत्रणा समिति ने जो तय किया था, उसी हिसाब से चर्चा हुई है. 100 प्रतिशत एजेंडे पर चर्चा हुई है. बहुत से लोगों का कहना है कि हमारे यहां होली 15 दिन चलती है. इसी वजह से होली के बाद वापस आना संभव नहीं है. आज भी उपस्थिति कम रही है. लोग होली के मूड में आ गए हैं. यह सबकी राय से हुआ है. 7000 से अधिक प्रश्न पूछे गए और अधिक से अधिक विधायकों के सवालों के जवाब दिए गए. भले ही ये कम पीरियड का विधानसभा सत्र रहा है, लेकिन फ्रूटफुल रहा है.
सरकार ने अवैध कॉलोनियों पर रोक की बात कही
विधानसभा में बढ़ती अवैध कॉलोनियों का मुद्दा भी चर्चा में रहा. बीजेपी विधायक रीती पाठक में विधानसभा में अवैध कालोनी का मुद्दा उठाया, जिसको लेकर कई विधायको ने इस बात का समर्थन किया की शहरों में अवैध कालोनियों का जाल फैलता जा रहा है. हालांकि सरकार की तरफ से बड़ी घोषणा करते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अगले तीन महीने में अवैध कालोनियों पर रोक लगाने के लिए कड़ा कानून लाने की बात कही
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