पीड़ित युवक, जिसकी ससुराल वालों ने पिटाई कर दी।
सिमरिया थाना क्षेत्र के कुंवरपुर गांव में पत्नी को विदा कराने आए दामाद और रिश्तेदारों पर ससुराल पक्ष के लोगों ने हमला कर दिया। समझौते के बहाने बुलाकर की गई इस मारपीट में पति और उनके भाई को गंभीर चोटें आई हैं। यह घटना जिले में तनाव का कारण बनी।
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ग्राम बम्होरी निवासी सुखमान पटेल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि उनकी शादी इसी साल अप्रैल 2025 में कुंवरपुर की कृष्णा पटेल से हुई थी। शादी के बाद कृष्णा मात्र आठ दिन ही ससुराल में रहीं और फिर मायके लौट गईं, जिसके बाद उन्होंने वापस आने से इनकार कर दिया।
पीड़ित सुखमान के अनुसार, 24 नवंबर 2025 को उनके ससुर जगतराम पटेल कुछ लोगों के साथ बम्होरी आए थे। उन्होंने समझौते के लिए सुखमान और उनके परिवार को 29 नवंबर 2025 को कुंवरपुर बुलाया। समझौते की उम्मीद में, सुखमान अपने गांव के लगभग 10-11 रिश्तेदारों और पंचों के साथ कुंवरपुर पहुंचे।
पंचों के सामने पत्नी किया मना
पंचों के सामने पत्नी कृष्णा ने ससुराल जाने से स्पष्ट इनकार कर दिया। उनके पिता जगतराम ने भी कहा कि उन्होंने बेटी की शादी उसकी मर्जी के बिना की थी, इसलिए अब वह नहीं जाएगी। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने कथित तौर पर अश्लील गालियां देते हुए सुखमान और उनके भाई पर लात, घूंसों और डंडों से बेरहमी से हमला कर दिया।
इस हमले में सुखमान पटेल और उनके भाई को गंभीर चोटें आईं। पीड़ित परिवार ने इस मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की है।
समझौते की जगह हुआ हमला
पीड़ित ने बताया कि शाम लगभग 5:30 बजे जब प्रार्थी और उनके साथ गए लोग वापस अपने घर लौट रहे थे, तभी ससुर जगतराम पटेल के परिवार के कई सदस्य, जिनमें उनकी पुत्रियाँ सुमन, पुष्पा, कृष्णा, दीपा, बहु एकता, सास रामजनी, साला ग्यानी, और मयंक अचानक उन पर टूट पड़े। हमलावरों ने लात-घूंसों और डंडों से प्रार्थी व उनके भाई की जमकर पिटाई की। मयंक ने प्रार्थी के माथे पर चूड़ा मार दिया, जिससे खून बहने लगा, और उनकी पीठ पर डंडा मारा गया।
सास रामजनी ने पेट में लात मारी और गला पकड़कर झुका दिया। पीड़ित के भाई सोनू जब बचाने आए, तो मयंक ने उनके दाएँ हाथ के अंगूठे पर काट लिया, जिससे उनका अंगूठा भी लहूलुहान हो गया। हमलावर लगातार अश्लील गालियां दे रहे थे और जान से मारने की धमकी दे रहे थे। साथ ही, साला ग्यानी और ससुर जगतराम ने धमकी दी कि यदि जेवर वापस करने का नाम लिया या पुलिस में रिपोर्ट की, तो उन्हें जान से मार देंगे या किसी बड़े अपराध में फँसाकर उनका जीवन खराब कर देंगे।
पुलिस चौकी पर सुनवाई न करने का आरोप
हमले से बचकर प्रार्थी तुरंत बाइक से पुलिस चौकी महोन्द्रा पहुँचे। उनके अनुसार, पुलिस के आने पर उनके पिता को घर से निकाला जा सका, लेकिन पुलिस चौकी महोन्द्रा में उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई और उन्हें रात 11:00 बजे तक बैठाए रखा गया। इतना ही नहीं, उनका मेडिकल परीक्षण भी नहीं कराया गया। पीड़ित ने अब न्याय की गुहार लगाते हुए कलेक्टर पन्ना को लिखित आवेदन दिया है और मांग की है कि संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए।