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Agriculture Business Idea: मंडी में आलू का दाम कम मिलने पर छोटे किसानों को बड़ा नुकसान हो जाता है. लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा, थोड़ा खर्च कर छोटे किसान बड़ी कमाई कर सकते हैं. इसके लिए आपको बस एक मशीन खरीदनी होगी. फिर खरीदार आपके पास आएंगे. जानें क्या खास है इस मशीन में…
वर्तमान में थोक भाव में 15 से 18 रुपए किलो तक ही आलू के भाव किसानों को मिल पा रहे हैं. ऐसे में अगर किसान भाई चाहें तो थोड़ी सी और लागत लगा कर आलू में वैल्यू एडिशन कर सकते हैं और बेहतरीन मुनाफा कमा सकते हैं. मशीन की कीमत तो कुछ समय ही वसूल हो जाएगी.

सामान्य रूप से देखें तो किसान भाई आलू चिप्स बनाने की मशीन खरीद लें, जिससे एक दिन में ही कई किलो आलू के चिप्स तैयार कर सकते हैं. चिप्स तैयार करने के लिए अलग-अलग तरीके अपना सकते हैं.

एक तो सीधा बिना किसी लागत के हाथ से ही चिप्स तैयार हो जाते हैं, लेकिन इसमें मेहनत अधिक लगती है. परिणाम कम मिलते हैं. बचत पूरी होती है. इसके अलावा चिप्स बनाने के लिए मैन्युअल और ऑटोमेटिक मशीन भी आती है. ऑटोमेटिक मशीन में बिजली खर्च होता है.
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एमपी में हम किसान भाइयों के लिए मैन्युअल चिप्स की मशीन के बारे में बताने जा रहे हैं, जो काम को तो आसान बनाती ही है, लेकिन मूल्य कम होने से किसानों पर इसे खरीदने का बोझ भी नहीं पड़ता है. साइकिल की तरह पैडल से चलने वाली आलू चिप्स की मशीन 11,000 रुपए में आती है.

इस मशीन की खासियत है कि इसमें केवल एक व्यक्ति ही चाहिए, जो प्रति घंटा 80 किलो आलू की चिप्स तैयार कर सकता है. चिप्स बनाने के बाद इसको थोड़ा क्रिस्पी बना ले तो खुद मार्केट में सेलिंग कर सकते हैं. सूखी चिप्स की भी आजकल बहुत डिमांड है, जिससे किसान अच्छा पैसा कमा सकते हैं.

आलू चिप्स में अगर अच्छी वैरायटी लाना चाहते हैं तो इसके साथ में एक और 17,000 की मशीन आती है. वह भी साइकिल की तरह पैडल से ही चलती है जो आलू की छिलाई का काम करती है और यह 1 घंटे में 180 किलो आलू की छिलाई कर सकती है.

किसानों के लिए डेमो दिखाने के लिए सागर कृषि विज्ञान केंद्र में यह दोनों यंत्र रखे हैं, जहां किसानों को इसके लाभ बताए जाते हैं. साथ ही लघु उद्योग स्थापित करने के लिए इनके लिए सरकारी मदद नहीं मिलती है.

बता दें कि अगर किसान आलू की खेती में अच्छी मेहनत करते हैं तो वह प्रीति एकड़ 150 से 200 क्विंटल तक का उत्पादन आराम से कर लेते हैं, लेकिन जब फसल बेचने की बारी आती है तो दाम में गिरावट आ जाती है. ऐसे में किसान कुछ अलग तरह का प्रयोग करके अपनी आय को बढ़ा सकते हैं.
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