रीवा में रिश्‍वतखोर पटवारी पकड़ाया, नामांतरण के बदले मांगे थे 10 हजार रुपए, 5 हजार लेते धराया

आरोप है कि हल्का पटवारी अक्षय लाल ने इस काम को करने के बदले में 10,000 की रिश्वत की मांग की थी।फरियादी रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने मामले की …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 18 Dec 2025 07:02:34 PM (IST)Updated Date: Thu, 18 Dec 2025 07:07:10 PM (IST)

रिश्‍वतखोर पटवारी अक्षय लाल पकड़ाया।

HighLights

  1. फरियादी रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने सूचना लोकायुक्त टीम को दी
  2. शिकायत के सत्यापन में पाया गया कि पटवारी वाकई में पैसे की मांग कर रहा है
  3. पटवारी को मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ा गया और रिश्वत की राशि बरामद की गई

नईदुनिया प्रतिनिधि,रीवा। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। रीवा लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई करते हुए मनगवां क्षेत्र के हल्का देवरा फरेदा में पदस्थ पटवारी अक्षय लाल को 5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत की गई है, जिससे पूरे राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, फरियादी विपिन सोंधिया ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। विपिन ने हाल ही में एक कृषि भूमि खरीदी थी, जिसका सरकारी रिकॉर्ड में नामांतरण कराया जाना था। आरोप है कि हल्का पटवारी अक्षय लाल ने इस काम को करने के बदले में 10,000 की रिश्वत की मांग की थी।

फरियादी रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने मामले की सूचना लोकायुक्त टीम को दी। शिकायत के सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि पटवारी वाकई में पैसे की मांग कर रहा है। योजना के अनुसार, पटवारी ने एक दिन पहले ही रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5,000 ले लिए थे।

लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही पटवारी अक्षय लाल ने मनगवां स्थित आयुष केंद्र में बैठकर रिश्वत की दूसरी किस्त के 5,000 रुपए ले रहे थे उसी समय लोकायुक्त टीम ने उसे दबोच लिया। पटवारी को मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ा गया और उसके पास से रिश्वत की राशि बरामद की गई।

लोकायुक्त टीम के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी पटवारी आयुष केंद्र में ही बैठकर अपना सरकारी काम निपटा रहा था और वहीं उसने फरियादी को पैसे लेकर बुलाया था। रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। जिन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया है।

भ्रष्टाचारियों में मचा हड़कंप

  • लोकायुक्त पुलिस पिछले कुछ दिनों से बेहद सक्रिय नजर आ रही है। खास बात यह है कि दो दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
  • इससे ठीक एक दिन पहले लोकायुक्त की टीम ने राजस्व विभाग के ही एक राजस्व निरीक्षक को रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया था।
  • लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों, कर्मचारियों के बीच दहशत का माहौल है।
  • फिलहाल, पुलिस आरोपी पटवारी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

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