घूसखोरी पूर्व बीएमओ डॉक्टर को 4साल की जेल: 10हजार की रिश्वत लेते धराया था डॉक्टर का सहकर्मी, लोकायुक्त ने कॉलिंग से किया था ट्रेस – narmadapuram (hoshangabad) News

नर्मदापुरम प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने फैसला सुनाया।

नर्मदापुरम जिले के माखननगर में पूर्व ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. शोभा चौकसे को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेने के मामले में गुरुवार को सजा सुनाई गई। प्रथम अपर सत्र न्यायालय जफर इकबाल ने डॉ. चौकसे और उनके सहकर्मी मिलन यादव को दोषी पाते हुए 4-4 साल का क

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हर महीने रिश्वत मांगती थीं बीएमओ

सहायक निदेशक, लोक अभियोजन संचालनालय नर्मदापुरम राजकुमार नेमा ने बताया कि जून 2020 में एएनएम शोभा गजानन ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि बीएमओ डॉ. चौकसे वेतन निकालने के बदले हर महीने 5,000 रुपए रिश्वत मांगती थीं। रिश्वत नहीं देने पर उनका वेतन काटने या रोकने की धमकी दी जाती थी। आखिर में एएनएम का वेतन रोक दिया गया, जिसके बदले में डॉ. चौकसे ने 10,000 रुपए की मांग की थी।

लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा

शिकायत के बाद 6 जून 2020 को लोकायुक्त टीआई वी.के. सिंह के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। जब टीम डॉ. चौकसे के सरकारी आवास पर पहुंची, तो वे वहां नहीं थीं। तय योजना के अनुसार, एएनएम शोभा ने डॉक्टर चौकसे से मोबाइल पर बात की, तब उन्होंने अपने सहकर्मी मिलन यादव को पैसे लेने के लिए भेजा। एएनएम ने जैसे ही तवा पुल पर मिलन यादव को 10,000 रुपए दिए, लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

कॉल रिकॉर्ड से लोकायुक्त ने ट्रेस हुआ

गिरफ्तारी के बाद लोकायुक्त टीम ने एएनएम के मोबाइल पर हुई कॉल रिकॉर्डिंग को केस का महत्वपूर्ण सबूत माना। डॉ. चौकसे ने खुद फोन पर मिलन यादव को रुपए लेने के निर्देश दिए थे। इस आधार पर लोकायुक्त ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

अदालत ने दोषी माना

लोकायुक्त द्वारा जांच पूरी कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने डॉ. शोभा चौकसे और मिलन यादव को दोषी मानते हुए लोकायुक्त अधिनियम की धारा 7, 12, 13(1)(डी), 13(2) के तहत सजा सुनाई।

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