अपने सुनहरे सालों में खुलकर ले सांस और जिएं अपनी ज़िंदगी, उम्र बढ़ने के साथ स्लीप एपनिया की हकीकत

मिस्टर शर्मा* जब रिटायर हुए, तो उनकी उम्मीद शांति से भरी सुबहों और सुकून भरी रातों की थी. इसके उलट अब उनकी रातें खर्राटों की आवाज़, अचानक नींद टूट जाने और घबराकर पत्नी के जागने वाले पलों से भरी रहने लगी. उनकी पत्नी बार-बार घबराकर जाग जाती थीं. डरते हुए पूछती कि कहीं उनकी सांस रुक तो नहीं गई? यह किसी बुरे सपने या खराब नींद की वज़ह से नहीं था. यह ऑब्सट्रेक्टिव स्लीप एपनीया (OSA) की वज़ह से हो रहा था. यह स्थिति उम्र बढ़ने के साथ गले की मांसपेशियों के कमजोर होने के कारण बुजुर्गों में तेज़ी से बढ़ती है.1

भारत में बुजुर्गों की आबादी सामान्य जनसंख्या की तुलना में लगभग तीन गुना तेजी से बढ़ रही है.² इसके साथ ही कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ रही हैं. इसमें OSA भी शामिल है. बहुत से लोगों को इसके लक्षण पहचान में आते हैं: नींद में घुटन जैसा महसूस होना, रात में बार-बार बाथरूम जाना, सुबह थकान महसूस होना, दिन में नींद या सुस्ती रहना¹ बहुत से लोग सालों से इस समस्या के साथ जी रहे हैं. कुछ लोग अपनी परेशानी को समझते हैं और इसका उपचार कराते हैं. बहुत से लोग ऐसे भी हैं, जो अभी भी इसकी पहचान नहीं कर पाते और इससे जूझते रहते हैं.

शुरुआत में थेरेपी करना मुश्किल क्यों लग सकता है?

डॉक्टर इंद्रनील हलधर पश्चिम बंगाल के एक अनुभवी डॉक्टर हैं और सांस-फेफड़े से जुड़ी (सीने, TB और दूसरी बीमारियों) बीमारियों के विशेषज्ञ हैं. उन्होंने बताया कि लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज शुरू करने और थेरेपी के दौरान मरीज से बातचीत करने से नतीजे अच्छे मिलते हैं. यह बुजुर्ग मरीजों की लंबे समय ये चली आ रही बीमारी का निदान करता है. उन्होंने कहा,’मेरे क्लिनिक में CPAP थेरेपी लेने की दर 50% से ज्यादा है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह लगभग 40% है. इसकी वजह है कि हम लगातार मरीज की स्थिति पर नजर रखते हैं और हमारी टीम सक्रिय रहती है. मिस्टर शर्मा को भी बीमारी की पहचान के बाद सीपीएपी दिया गया, लेकिन उनके लिए इस प्रक्रिया के साथ तालमेल बनाना आसान नहीं था. उन्हें मास्क लगाना अजीब लगता था. कभी-कभी ट्यूब्स बिस्तर में उलझ जाती थीं और लगातार आने वाली हवा की प्रेशर मशीन जैसा लगता था. उन्होंने कहा, ‘मुझे ऐसा लगता है जैसे मशीन से लड़ रहा हूं.’ ऐसा महसूस करनेवाले वे अकेले नहीं हैं. भारत में कई मरीज मशीनों के साथ असहज रहते हैं. मास्क निकल जाता है और मुंह सूखने जैसी समस्याओं की वजह से थेरेपी जारी रखना मुश्किल मानते हैं. रिसर्च भी दिखाती हैं कि बुजुर्ग मरीजों में थेरेपी को सहजता से स्वीकार करने की क्षमता कम होती है.¹ साथ ही, उनका ध्यान रखने वाल (केयरगिवर्स) परिवार या स्टाफ के लिए भी यह चुनौतीपूर्ण होता है. खर्राटे कम होने से राहत तो मिलती है, लेकिन अपनों को थेरेपी के साथ संघर्ष करते देखने से निराशा दोनों तरफ होती है.⁵ तमिलनाडु के मशहूर क्रिटिकल केयर स्लीप विशेषज्ञ और ओबेसिटी मेडिसिन एक्सपर्ट डॉक्टर एन. रामाकृष्णन के पास इस क्षेत्र में 20 से सालों का क्लीनिकल और अकादमिक अनुभव है. उनका कहना है, ‘लगभग 20–30% बुजुर्ग मरीज थेरेपी को सही तरीके से नहीं ले पाते हैं. हालांकि, कुछ समय में उन्हें इसका महत्व समझ आता है और लक्षणों में सुधार महसूस होने लगता है. इसके बाद करीब 70% मरीज थेरेपी को अच्छी तरह अपनाते हैं.’

परिवार पर होता है गहरा असर

डॉक्टर रामाकृष्णन कहते हैं, ‘परिवार अक्सर इस स्थिति में बहुत चिंतित रहते हैं. खास तौर पर जब बुजुर्ग अकेले रहते हैं या केवल पति/पत्नी साथ रहते हों और बच्चे दूर या विदेश में रहते हैं. ज्यादातर मामलों में पूरा परिवार मरीज को थेरेपी जारी रखने के लिए समझाने की कोशिश करता है. यह एक सामूहिक प्रयास होता है.’डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती कठिनाइयों की वजह से थेरेपी बंद नहीं करनी चाहिए. एक और क्लीनिशियन कहते हैं, ‘अक्सर हम देखते हैं कि बुजुर्ग मरीज और उनके परिवार बहुत जल्दी हार मान लेते हैं. हमें समझना चाहिए कि बेहतर नींद के बहुत सारे फ़ायदे हैं. यह दिन भर की ऊर्जा के लिए ज़रूरी है. मूड बेहतर करती है और लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन है.”⁶ डॉक्टर इंद्रनील के अनुसार, ‘मरीज और परिवार दोनों के लिए यह समझना ज़रूरी है कि किस चीज़ का इलाज हो रहा है और यह क्यों ज़रूरी है. बीमारी को जड़ से ठीक करने में यह स्पष्टता बहुत ज़रूरी है.’ परिवार के लिए, बुजुर्गों की बेहतर नींद सिर्फ़ मरीज के लिए ज़रूरी नहीं होती है. यह जीवनसाथी के लिए मानसिक शांति और अपनों के लिए नई ऊर्जा भी लेकर आती है. इससे पूरे घर का माहौल बेहतर होता है और सदस्यों के जीवन में सुकून आता है.

बुजुर्गों के लिए स्मार्ट CPAP समाधान 

अब अच्छी बात यह है कि CPAP मशीन आधुनिक तकनीक से लैस हैं और इनका इस्तेमाल भी बेहद आसान हो गया है. नई मशीनें EZStart और Smart Ramp जैसी तकनीकों के साथ धीरे-धीरे हवा का दबाव बढ़ाती है. इससे मरीज शुरुआत में ही घबराते नहीं हैं और आराम से थेरेपी को अपना लेते हैं. ये मशीनें सांस लेने की प्रक्रिया को भी आसान बनाती हैं. इससे असुविधा नहीं होती है और मरीज की प्रगति को ट्रैक भी करती हैं. डॉक्टर रीयल डेटा के आधार पर थेरेपी को ज़रूरत के मुताबिक सेट कर पाते हैं.⁷ मिस्टर शर्मा के लिए ऐसे विकल्पों की मौजूदगी के बारे में जानना उम्मीद की नई किरण महसूस करने जैसा था. उन्होंने कहा, ‘शायद बात मेरे मशीन के हिसाब से ढलने की नहीं है. ऐसा लग रहा है कि मशीन ही मेरे हिसाब से ढल सकती है.’ क्योंकि जीवन के सुनहरे सालों में, हर सुकूनभरी रात चैन से सोने के लायक होती है.

*अस्वीकरण: मिस्टर शर्मा नाम का इस्तेमाल सिर्फ़ उदाहरण के तौर पर किया गया है. यह एक काल्पनिक प्रस्तुति है, जो स्लीप एपनीया से जूझ रहे लोगों के अनुभवों पर आधारित है. डॉक्टरों की ओर से दिए गए विचार और बयान उनके व्यक्तिगत विचार हैं. यह संगठन के विचारों, नीतियों या दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व जरूरी नहीं करते. 

मेडिकल सलाह के लिए, कृपया किसी योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करें.

संदर्भ:

  1. Osorio RS, Martínez-García MÁ, Rapoport DM. Sleep apnoea in the elderly: a great challenge for the future. Eur Respir J. 2022;59:2101649.
  2. Banerjee, S. Determinants of rural-urban differential in healthcare utilization among the elderly population in India. BMC Public Health. 2021;21(1):939.
  3. Kundu S, Sarkar S, Roy D, et al. CPAP acceptance and adherence among patients diagnosed with obstructive sleep apnea: A long-term study from eastern India. Indian J Sleep Med 2014; 9 (4):172-178. Published online 2018.
  4. Goyal A, Agarwal N, Pakhare A. Barriers to CPAP use in India: an exploratory study. J Clin Sleep Med. 2017;13(12):1385-94.
  5. Khan NN, Olomu AB, Bottu S, et al. Semistructured motivational interviews of patients and caregivers to improve CPAP adherence: a qualitative analysis. J Clin Sleep Med. 2019;15(12):1721-30.
  6. NIH. News in Health. Good Sleep for Good Health. Available from: https://newsinhealth.nih.gov/2021/04/good-sleep-good-health . Accessed on 17th Sep 2025.
  7. Philips. Available from https://www.philips.co.in/healthcare/product/HCNOCTN447/dreamstation-cpap-bipap-cpap-bi-level-therapy-systems. Accessed on 20thAug 2025.
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