ग्वालियर में इंटरकास्ट लव मैरिज के लिए एक लड़की मंडप के दिन भाग गई। इससे परिवार की समाज में बदनामी हुई तो वे बौखला गए। दोनों एक ही गांव के होने पर पंचायत बुलाई गई, जिसमें प्रेमी के बहिष्कार की बात कही गई। पंचायत में बेटी के पिता ने चेतावनी दी कि अब भ
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पंचायत में दी गई चेतावनी को पूरा करते हुए लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया गया। गंभीर चोट लगने के बाद 25 अगस्त को दामाद ने दम तोड़ दिया। युवक का पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गया है। मृतक के सिर, माथे और चेहरे पर सात गंभीर घाव थे, जो कुल्हाड़ी और लाठी से किए गए थे। इसके अलावा शरीर पर कुल 13 चोटें पाई गईं और यही मौत की वजह बनीं। अभी डिटेल पीएम रिपोर्ट आना बाकी है। पुलिस ने मृतक के ससुर, साले सहित 6 लोगों पर हत्या का मामला दर्ज किया है।
ओमप्रकाश और शिवानी ने 10 जनवरी 2025 को ग्वालियर में कोर्ट मैरिज की थी।
अब जानिए, पूरा मामला
प्यार से शुरू हुई कहानी, हत्या पर खत्म
ग्वालियर देहात के बेलगढ़ा स्थित हरसी गांव में रहने वाले 25 साल के ओमप्रकाश बाथम गांव में ट्रैक्टर किराए पर चलाकर जीवन-यापन करता था। करीब तीन साल पहले गांव में रहने वाली 22 साल की शिवानी झा से उसे प्रेम हो गया। जब प्रेम प्रसंग की खबर परिवार को लगी तो विरोध शुरू हो गया।
लेकिन ओमप्रकाश और शिवानी एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खा चुके थे। विरोध बढ़ा तो दोनों सारी हदें तोड़कर घर से भाग गए। इसके बाद उनका प्यार पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गया। दोनों के परिवार वालों ने बेलगढ़ा थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। साल 2024 में पुलिस ने दोनों को बरामद कर लिया। इसके बावजूद दोनों ने अपने-अपने घरों में कह दिया कि वे एक-दूसरे से ही शादी करेंगे।
बेटी को प्रेमी से दूर करने शादी तय की, तो मंडप से भाग गई
शिवानी के परिवार ने ओमप्रकाश से उसे दूर करने के लिए उसकी शादी कहीं और तय कर दी थी। दिसंबर 2024 में शादी थी। मंडप के दिन (शादी के एक दिन पहले) वह अपने प्रेमी ओमप्रकाश के साथ फिर घर से भाग गई। इससे परिवार की काफी बदनामी हुई। इसके बाद लड़की पक्ष का परिवार बेहद आक्रोशित हो गया।

पंचायत में कहा था- लौटकर न आना, वरना मार डालेंगे
दोनों के भागने के बाद परिवार को पता चला कि जनवरी 2025 में उन्होंने कोर्ट मैरिज कर ली है। इसके बाद गांव में पंचायत भी हुई थी, जिसमें लड़के के परिवार के बहिष्कार की बात कही गई थी। पंचायत में ही लड़की के पिता द्वारिका झा ने चेतावनी दी थी कि प्रेम विवाह कर लिया तो ठीक है, लेकिन गांव में प्रवेश न करें। यदि गांव आए तो हम उन्हें मार डालेंगे। इसी कारण ओमप्रकाश और शिवानी डबरा शहर में रह रहे थे और गांव नहीं जा रहे थे।
बीमार मां के लिए 10 माह बाद लौटा, तो मार डाला
हाल ही में ओमप्रकाश बाथम की मां की तबीयत बिगड़ गई। बीमार मां को देखने के लिए ओमप्रकाश 19 अगस्त को लगभग दस माह बाद गांव लौटा। शिवानी के परिवार को इसकी खबर लग गई। इसके बाद शिवानी के पिता, भाई और अन्य रिश्तेदारों ने उसे गांव के बाहर ही घेर लिया। उस पर लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही ओमप्रकाश के परिजन और पत्नी मौके पर पहुंचे, तो वह खून से लथपथ बेहोश पड़ा था। उसे तत्काल ग्वालियर के ट्रॉमा सेंटर आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां 25 अगस्त को बिना होश में आए ही उसने दम तोड़ दिया।

घटना के बाद पीड़ित परिवार को समझाते हुए बेलगढ़ा थाना प्रभारी
मृतक की पत्नी की शिकायत पर मामला दर्ज
शिवानी के अनुसार, उसके पति पर उसके पिता द्वारिका झा, मां उमा, चाचा राजू झा, भरत लाल ने अपने पड़ोसी भगवान धानुक, संदीप, लखन बाथम और अन्य लोगों के साथ मिलकर हमला किया था। गंभीर हालत में उसे जयारोग्य अस्पताल ले पहुंचे। यहां भर्ती कराने के बाद इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने पहले मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। लेकिन 6 दिन बाद ओमप्रकाश ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

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