बुक रिव्यू: ताकत बाहर नहीं, भीतर है: हर दिन एक नया मौका है, कुछ सीखने, जीतने, विनम्र होने का, अपने मन की शक्ति को अनलॉक करें

33 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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किताब- ‘द ग्रेटनेस माइंडसेट’(‘द ग्रेटनेस माइंडसेट‘ किताब का हिंदी अनुवाद)

लेखक- लुईस हाव्ज

अनुवाद- अजय शर्मा

प्रकाशक- पेंगुइन

मूल्य- 350 रुपए

‘द ग्रेटनेस माइंडसेट’ लुईस हाव्ज की एक ऐसी किताब है, जो हमें अपने भीतर की ताकत को पहचानने और उसे बाहर लाने की प्रेरणा देती है। लुईस हाव्ज न्यूयॉर्क टाइम्स के बेस्टसेलिंग लेखक, मशहूर पॉडकास्टर, एंटरप्रेन्योर और पूर्व प्रोफेशनल एथलीट हैं। लुईस अपने पॉडकास्ट ‘द स्कूल ऑफ ग्रेटनेस’ के जरिए लाखों लोगों को प्रेरित कर चुके हैं। वहीं इस किताब में वे अपनी जिंदगी के उतार-चढ़ाव, अनुभवों और सीख को साझा करते हैं ताकि रीडर्स भी अपने जीवन में महानता हासिल कर सकें।

यह किताब हमें सिखाती है कि कैसे अपने मन की शक्ति को अनलॉक करें, डर और शंकाओं को पीछे छोड़ें और जीवन के असली उद्देश्य को खोजकर उसे पूरा करें। अगर हर दिन एक ही ढर्रे पर चल रहे हैं, अपने सपनों को टालते जा रहे हैं या समझ नहीं पा रहे कि जिंदगी का मकसद क्या है तो यह किताब हमें एक नई राह दिखा सकती है। यह किताब सिर्फ प्रेरणा नहीं देती, बल्कि व्यावहारिक तरीके और अभ्यास भी बताती है, जिन्हें हम आसानी से अपनी जिंदगी में लागू कर सकते हैं।

लेखक की कहानी: चुनौतियों से सफलता तक

लुईस हाव्ज की जिंदगी किसी प्रेरणादायक फिल्म से कम नहीं है। एक प्रोफेशनल एथलीट के रूप में शुरुआत करने के बाद एक चोट ने उनके करियर को खत्म कर दिया, लेकिन वे रुके नहीं। हार को एक नए अवसर में बदलते हुए उन्होंने खुद को एक सफल एंटरप्रेन्योर और पॉडकास्टर के रूप में स्थापित किया। उनकी यह यात्रा हमें सिखाती है कि जिंदगी में मुश्किलें आएंगी, लेकिन सही नजरिए और मेहनत से हम कुछ भी हासिल कर सकते हैं।

लुईस कहते हैं, “आप एक निर्णय से अपने जीवन को पूरी तरह बदल सकते हैं।” यह किताब इसी सोच को आधार बनाकर जीवन को नया आकार देने के लिए प्रेरित करती है।

किताब के मुख्य सबक

‘द ग्रेटनेस माइंडसेट’ का मूल मंत्र यह है कि महानता कोई जन्मजात गुण नहीं है, बल्कि यह एक मानसिकता है, जिसे हम विकसित कर सकते हैं। लुईस मानते हैं कि हमारी सोच, डर और पुरानी मान्यताएं हमें आगे बढ़ने से रोकती हैं। इस किताब में वे हमें अपने अंदर की इन बाधाओं को पहचानने और उन्हें दूर करने के तरीके बताते हैं।

महानता हमारे भीतर है

लुईस किताब में बताते हैं कि हमारे अंदर पहले से ही आत्मविश्वास, शक्ति, क्रिएटिविटी और क्षमता मौजूद है। बस हमें खुद पर विश्वास करना है और कुछ कदम उठाने हैं। अपने अंदर की क्षमता को पहचानकर ही हम महानता की ओर बढ़ते हैं।

महानता कोई जन्मजात गुण नहीं

लुईस कहते हैं कि महान बनना कोई किस्मत या जन्मजात मिली चीज नहीं है। यह एक निर्णय है, जो हम खुद को बेहतर बनाने के लिए लेते हैं। जब हम जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं और डर या बहानों को छोड़कर आगे बढ़ते हैं, तभी हमारा असली पोटेंशियल खुलता है।

लगातार प्रगति ही सफलता है

परफेक्शन की चाह अक्सर लोगों को शुरुआत करने से ही रोक देती है। किताब बताती है कि रोज थोड़ा-सा आगे बढ़ना ही असली जीत है। छोटे-छोटे सुधार लगातार बड़े बदलाव बन जाते हैं। बस प्रतिदिन आगे बढ़ते रहना जरूरी है।

हमारी सोच ही असली दिशा तय करती है

लुईस किताब में बताते हैं कि हम अपने बारे में क्या सोचते हैं, यही तय करता है कि हम आगे कैसे बढ़ेंगे। नेगेटिव सेल्फ-टॉक हमें रोकता है, जबकि पॉजिटिव और सच बोलने वाली अंदर की आवाज हमें मजबूत बनाती है। विचार बदलते ही हमारी पूरी जिंदगी की दिशा बदल जाती है।

आसपास के महौल से ग्रोथ तय होती है

हम जिन लोगों के साथ और जैसी जगहों पर रहते हैं, वही तय करते हैं कि हम कितनी ऊंचाई तक जाएंगे। अगर हमारा वातावरण प्रेरणादायक और सपोर्टिव है तो ग्रोथ तेजी से होती है। इसलिए अपने आसपास ऐसा माहौल बनाना जरूरी है, जो हमारे सपनों को ऊर्जा दे।

फोकस ही सुपरपावर है

आज की दुनिया में डिस्ट्रैक्शन भरे पड़े हैं, इसलिए फोकस एक सुपरपावर बन जाता है। जब हम अपनी ऊर्जा और समय सिर्फ महत्वपूर्ण चीजों पर लगाते हैं तो प्रगति तेज हो जाती है। फोकस हमें क्लीयर, स्थिर और तेज परिणाम देता है।

उद्देश्य ही असली मोटिवेशन देता है

लुईस बताते हैं कि जब जीवन में एक स्पष्ट ‘लक्ष्य’ होता है तो मुश्किलें भी कम भारी लगती हैं। उद्देश्य हमें दिशा देता है और संघर्षों में भी आगे बढ़ने की ताकत देता है। यही हमारी यात्रा को अर्थ और जुनून देता है।

छोटी-छोटी जीत ही बड़े बदलाव लाती है

किताब बताती है कि हर छोटी सफलता हमें लगातार प्रेरित रखती है। इन्हें सेलिब्रेट करने से मनोबल बढ़ता है और हम अपने रास्ते पर टिके रहते हैं। हर छोटी जीत हमें बड़ी सफलता के करीब ले जाती है।

किताब के बारे में मेरी राय

‘द ग्रेटनेस माइंडसेट’ सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक है। इसे पढ़ते हुए मुझे लगा कि लुईस मेरे सामने बैठकर मुझसे बात कर रहे हैं। यह किताब सपने देखने की हिम्मत देती है और उन्हें पूरा करने का रास्ता भी दिखाती है। हालांकि कुछ जगहों पर यह थोड़ी रिपीटेड लग सकती है, खासकर अगर आप पहले से सेल्फ-हेल्प किताबें पढ़ते रहे हों। फिर भी इसके व्यावहारिक टूल्स इसे खास बनाते हैं।

यह किताब डर से बाहर निकालने और अपने सपनों पर भरोसा करने की ताकत देती है। लुईस की सादगी और ईमानदारी हर पन्ने पर झलकती है। इसने मुझे अपनी जिंदगी को नए सिरे से देखने का नजरिया दिया।

महानता की ओर एक कदम

‘द ग्रेटनेस माइंडसेट’ एक ऐसी किताब है जो हमें सोचने और करने के लिए प्रेरित करती है। यह किताब अपने मन की शक्ति को समझने और उसे अपने सपनों को पूरा करने में इस्तेमाल करने का रास्ता दिखाती है। लुईस हाव्ज की यह किताब हमें यह विश्वास दिलाती है कि महानता हमारे अंदर है, बस उसे बाहर लाने की जरूरत है।

‘द ग्रेटनेस माइंडसेट’ इस सच्चाई पर टिकी है कि हमारा दिमाग हमारी सबसे बड़ी ताकत है। लुईस कहते हैं कि हमारी सोच, हमारा नजरिया और हमारे फैसले ही हमारे जीवन को आकार देते हैं। यह किताब हमें सिखाती है कि अपनी सोच को बदलकर, अपने उद्देश्य को पहचानकर और चुनौतियों से लड़कर हम वह हासिल कर सकते हैं, जो हमने कभी सोचा भी नहीं था।

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