Boneless Fish : 5 पावरफुल बोनलेस मछलियां, कांटे का कोई झंझट नहीं, प्रोटीन का खजाना

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Boneless Fish : मछली खाने का सबसे बड़ा झंझट उसका कांटा है. इसलिए यह सबको खाया नहीं जाता है. ऐसे में 5 बोनलेस मछलियों के बारे में बता रहे हैं जो बेहद पावरफुल है और यह प्रोटीन का खजाना है. आइए अब हम इस लिस्ट में शामिल 5 मछली प्रजातियों के बारे में जानें.

(Fish Recipes)  जो लोग नॉन-बेजिटेरियन है उन्हें मछलियां बहुत पसंद होती है लेकिन इनमें कांटे के कारण कई लोग खाने से डरते हैं. मछलियों में प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड्स, विटामिन्स और अन्य पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. विशेष रूप से बच्चों के स्वास्थ्य के लिए ये बहुत आवश्यक हैं. लेकिन बच्चे मछली से बनी डिशें खाने में डरते हैं क्योंकि उनमें कांटे फंस जाते हैं. इसलिए बोनलेस मछली (Boneless fish) पकाकर परोसना अच्छा रहता है. कुछ प्रकार की मछलियों में कांटे नहीं होतीं या बहुत कम होती हैं. आइए इस लिस्ट में शामिल 5 मछलियों के बारे में जानते हैं. 

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टूना (Tuna)-टूना मछली में कांटे न के बराबप होती हैं. यह सिर्फ बहुत स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि प्रोटीन, विटामिन डी, ओमेगा-3 जैसे पोषक तत्वों से भी भरपूर होती है. यह स्टेक कट्स या कैन्ड (डिब्बाबंद) रूप में भी मिलती है. इसे सलाद और सैंडविच में इस्तेमाल किया जा सकता है. बच्चों के लिए यह बहुत फायदेमंद है. टूना मछली सस्ती भी बहुत होती है. 

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डोरी फिश (Dory Fish)- डोरी फिश बहुत ही सॉफ्ट और माइल्ड टेस्ट वाली होती है. बच्चों को यह बहुत पसंद आती है. यह फिलेट्स के रूप में मिलती है. डोरी फिश में प्रोटीन बहुत अधिक पाया जाता है लेकिन फैट बहुत कम होता है. इसे ब्रेडेड फिश, ग्रिल्ड फिलेट्स या बटर सॉस के साथ पकाया जा सकता है. 

ग्रुपर (Grouper)- ग्रुपर मछली में हड्डियाँ बहुत कम होती हैं. इसका मांस बहुत मुलायम और सॉफ्ट होता है. फिश सूप, स्टीम्ड ग्रुपर, फ्राई जैसी डिशें इससे बनाई जा सकती हैं. ग्रुपर में सेलेनियम, मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, जो संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं.

ग्रुपर (Grouper)- ग्रुपर मछली में हड्डियाँ बहुत कम होती हैं. इसका मांस बहुत मुलायम और सॉफ्ट होता है. फिश सूप, स्टीम्ड ग्रुपर, फ्राई जैसी डिशें इससे बनाई जा सकती हैं. ग्रुपर में सेलेनियम, मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, जो संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं.

सैल्मन (Salmon)- यह एक बहुत पॉपुलर मछली है. इसमें कांटे बहुत कम होती हैं. इसका स्वाद बहुत अच्छा होता है. सैल्मन में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स का भंडार होता है जो बच्चों के ब्रेन डेवलपमेंट के लिए बहुत जरूरी हैं. यह फिलेट्स के रूप में उपलब्ध होती है. सूप्स, ग्रिल करने, फिश नगेट्स जैसी डिशें इसे उपयोग करके आसानी से तैयार की जा सकती हैं.

सैल्मन (Salmon)- यह एक बहुत पॉपुलर मछली है. इसमें कांटे बहुत कम होती हैं. इसका स्वाद बहुत अच्छा होता है. सैल्मन में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स का भंडार होता है जो बच्चों के ब्रेन डेवलपमेंट के लिए बहुत जरूरी हैं. यह फिलेट्स के रूप में उपलब्ध होती है. सूप्स, ग्रिल करने, फिश नगेट्स जैसी डिशें इसे उपयोग करके आसानी से तैयार की जा सकती हैं.

स्नैपर (Snapper) -स्नैपर मछली में कांटे थोड़ी बड़ी होती हैं, लेकिन इन्हें आसानी से निकाल लिया जा सकता है. रेड स्नैपर और व्हाइट स्नैपर बहुत स्वादिष्ट होते हैं. इसमें विटामिन B6, फॉस्फोरस और ओमेगा-3 फैटी एसिड्स पाए जाते हैं. यह ग्रिल्ड फिश, टोम यम सूप और स्वीट एंड सॉर डिशेज़ के लिए परफेक्ट होती है.

स्नैपर (Snapper) -स्नैपर मछली में कांटे थोड़ी बड़ी होती हैं, लेकिन इन्हें आसानी से निकाल लिया जा सकता है. रेड स्नैपर और व्हाइट स्नैपर बहुत स्वादिष्ट होते हैं. इसमें विटामिन B6, फॉस्फोरस और ओमेगा-3 फैटी एसिड्स पाए जाते हैं. यह ग्रिल्ड फिश, टोम यम सूप और स्वीट एंड सॉर डिशेज़ के लिए परफेक्ट होती है.

बेस्ट टिप्स-मछली खरीदते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि वे ताज़ा हैं या नहीं. ताज़ी मछली की आंखें चमकदार और गिल्स लाल होते हैं.उनमें दुर्गंध नहीं होती. मछली को सब्जियों के साथ मिलाकर पकाने से इसके पोषक तत्व और बढ़ जाते हैं. मार्केट में पहले से कट कर रखे हुए टुकड़े भी मिल जाते हैं. जो लोग मछली साफ करना मुश्किल समझते हैं उनके लिए पहले से साफ की हुई मछली खरीदना बेहतर होता है.

<br />बेस्ट टिप्स-मछली खरीदते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि वे ताज़ा हैं या नहीं. ताज़ी मछली की आंखें चमकदार और गिल्स लाल होते हैं.उनमें दुर्गंध नहीं होती. मछली को सब्जियों के साथ मिलाकर पकाने से इसके पोषक तत्व और बढ़ जाते हैं. मार्केट में पहले से कट कर रखे हुए टुकड़े भी मिल जाते हैं. जो लोग मछली साफ करना मुश्किल समझते हैं उनके लिए पहले से साफ की हुई मछली खरीदना बेहतर होता है.

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मछली के स्वाद को बढ़ाने के लिए सरल मसाले उपयोग करें. नींबू का रस, अदरक और लहसुन पर्याप्त होते हैं. अगर सब्जियों को क्रीमी बनाने का मन हो तो नारियल के दूध की जगह फाइबर क्रीम जैसे प्रोडक्ट्स का उपयोग किया जा सकता है. ऐसा करने से फिश करी में फैट की मात्रा कम हो जाती है. स्वाद के साथ-साथ यह सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है.

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Boneless Fish : 5 पावरफुल बोनलेस मछलियां, कांटे का कोई झंझट नहीं, प्रोटीन का

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