Blood Clotting: चोट लगने के बाद खून का थक्का जम जाए तो क्या होगा? कब हो सकता यह जानलेवा, जानें लक्षण और बचाव

Blood Clotting: कई बार जाने-अंजाने में हमारे शरीर में चोट लग जाती है. वैसे तो ये कुछ समय बाद खुद ही ठीक हो जाती है. लेकिन, लापरवाही जानलेवा भी साबित हो सकती है. हालांकि, यह स्थिति तब होती है जब शरीर में खून के थक्के जम जाते हैं. अंग्रेजी में इसे ब्लड क्लॉटिंग (blood clotting) कहा जाता है. बता दें कि, शरीर में खून के थक्के जमना एक गंभीर स्थिति है, जो सामान्य रूप से चोट लगने पर रक्तस्राव को रोकने में मदद करता है, लेकिन जब यह रक्त वाहिकाओं के अंदर बिना किसी चोट के होता है, तो यह खतरनाक हो सकता है. अब सवाल है कि आखिर शरीर में खून के थमना क्या है? अगर शरीर में खून के थक्के जम जाएं तो क्या होगा? क्या इसके कोई लक्षण हैं? ब्लड क्लॉटिंग से कैसे करें बचाव? आइए जानते हैं इस बारे में-

खून के थक्के जमना क्या है?

क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, शरीर में खून का थक्का जमना जहां एक तरह से सेहत के लिए फायदेमंद होता है. वहीं, दूसरी तरह से यह जानलेवा भी होता है. खून का थक्का अंग कट जाने या घाव हो जाने पर शरीर से ज्यादा खून को बहने से रोकता है. वहीं, यदि खून का थक्का शरीर में बनने लगे तो यह घातक साबित होता है. इसलिए समय रहते इससे निदान पाना बेहद जरूरी है.

खून के थक्के जम जाएं तो क्या?

रिपोर्ट के मुताबिक, इन थक्कों के कारण स्ट्रोक, दिल का दौरा और फेफड़ों में खून के थक्के (फुफ्फुसीय अन्त:शल्यता) जैसी जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं. थक्के जमने के लक्षणों में सूजन, दर्द, लालिमा, प्रभावित क्षेत्र को छूने पर गर्मी महसूस होना, सांस लेने में तकलीफ और चक्कर आना शामिल हैं.

खून के थक्का जमने के लक्षण

शरीर में ब्लड क्लॉट यानी थक्का जमने पर कई संकेत मिलते हैं. जब शरीर में खून के थक्के जमते हैं तो पसीना आना, घबराहट होना, कमजोरी महसूस होना, हाथ-पैर बार- बार सुन्न होना, चक्कर आना, मोटापा, मेनोपॉज और सांस फूलने जैसी परेशानियां हो सकती हैं.

खून के थक्के जमने पर ऐसे करें बचाव

विटामिन के युक्त फूड्स: वेबएमडी की खबर के मुताबिक, खून के थक्के जमा होने के संकेत मिलने पर डाइट में विटामिन-K से भरपूर चीजों को शामिल करना चाहिए. दरअसल, विटामिन-K दो तरह से काम करता है. एक तो शरीर के अंदर ब्लड को जमने नहीं देता, दूसरा शरीर के बाहर ब्लड बहने नहीं देता.

लहसुन खाएं: आयुर्वेदाचार्य डॉ. सर्वेश कुमार के मुताबिक, लहसुन में एलिसिन और एजोईन तत्व पाए जाते हैं, जो ब्लड क्लॉटिंग को रोकते हैं. इसके लिए लहसुन की कलियां छीलकर पीस लें. फिर एक कप पानी में डालकर उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर उबाल लें. ठंडा होने पर इसे एक कप में निकालकर पी लें.

हल्दी-दूध: शरीर में खून के थक्के जमने पर दूध में हल्दी डालकर भी सेवन किया जा सकता है. बता दें कि, हल्दी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को कई बीमारियों से दूर रखते हैं. साथ ही हल्दी में कुछ ऐसे तत्व होते हैं, जो स्किन और ब्लड को पतला करते हैं. इसलिए इसे पीने से ब्लड क्लॉटिंग की समस्या दूर हो सकती है.

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