Last Updated:
Nimar Farmer Daughter Success Story : निमाड़ क्षेत्र के एक छोटे से गांव से निकलकर किसान की बेटी ने अपने संघर्ष और मेहनत से देश सेवा का सपना साकार किया है. सीमित संसाधनों और ग्रामीण चुनौतियों के बावजूद उसने हार नहीं मानी और सेना में चयन पाकर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया. यह कहानी उन बेटियों के लिए प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों में भी बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं.
खंडवा: निमाड़ की मिट्टी में मेहनत और हौसले की खुशबू हमेशा से रही है. इसी मिट्टी से निकली है एक और बेटी, जिसने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो गांव की पगडंडी से भी देश की सरहद तक का सफर तय किया जा सकता है.खंडवा जिले के छोटे से गांव छैगांवमाखन की रहने वाली राधिका, आज बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स यानी बीएसएफ का हिस्सा बन चुकी हैं. किसान परिवार में जन्मी राधिका ने गरीबी, संसाधनों की कमी और मुश्किल हालातों के बावजूद अपने सपने को टूटने नहीं दिया. अब उनकी पोस्टिंग त्रिपुरा में हुई है, जहां वह देश की सीमाओं की सुरक्षा करेंगी.राधिका के पिता पेशे से किसान हैं. सीमित आमदनी में परिवार का पालन-पोषण करते हुए उन्होंने बेटी के हौसले को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया. राधिका बताती हैं कि घर की हालत सामान्य नहीं थी, लेकिन मन में बस एक ही सपना था- देश की वर्दी पहनना.
फिजिकल के साथ-साथ लिखित परीक्षा की तैयारी
इस सपने को पूरा करने के लिए राधिका ने जय हिंद डिफेंस ग्रुप से निशुल्क ट्रेनिंग ली. यह ग्रुप खंडवा में गरीब और जरूरतमंद बच्चों को आर्मी, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैयारी करवाता है. इसका संचालन पूर्व सैनिक अनिल पाटिल करते हैं, जो बिना कोई फीस लिए युवाओं को मैदान में पसीना बहाना सिखाते हैं. LOCAL 18 से बातचीत में राधिका बताती हैं कि वह रोज सुबह 4 बजे उठकर छैगांवमाखन से खंडवा आती थीं. गुरु गोविंद सिंह स्टेडियम में दौड़, फिजिकल ट्रेनिंग और अनुशासन की कड़ी तैयारी होती थी. ठंड हो, गर्मी हो या बारिश ट्रेनिंग कभी नहीं रुकी. राधिका कहती हैं कि अगर सेना या बीएसएफ में जाना है तो सिर्फ ताकत नहीं, बल्कि अनुशासन और पढ़ाई दोनों जरूरी है. फिजिकल के साथ-साथ लिखित परीक्षा की तैयारी भी उतनी ही जरूरी होती है.
बीएसएफ की ट्रेनिंग पूरी कर राधिका खंडवा लौटीं
बीएसएफ की ट्रेनिंग पूरी कर जब राधिका खंडवा लौटीं, तो जय हिंद डिफेंस ट्रेनिंग ग्रुप द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया. भारत माता की जय के नारों के बीच पुष्पहार पहनाकर उनका सम्मान किया गया. इस दौरान राधिका ने अपने ट्रेनर अनिल पाटिल को टोपी पहनाकर सेल्यूट किया, जो हर किसी के लिए भावुक पल बन गया.राधिका ने वहां ट्रेनिंग ले रहे युवाओं और युवतियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अगर मन में देश सेवा का जज़्बा हो तो कोई भी हालात रास्ता नहीं रोक सकते. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में खंडवा और निमाड़ का नाम देश सेवा में सबसे आगे गिना जाएगा. राधिका का कहना है कि अनिल पाटिल सर की ट्रेनिंग निमाड़ की सबसे बेहतरीन ट्रेनिंग मानी जाती है, क्योंकि यहां वही अनुशासन सिखाया जाता है जो सेना के मैदान में होता है समय की पाबंदी, सख्त अभ्यास और जिम्मेदारी.
आज एक किसान की बेटी देश की सरहद पर तैनात होने जा रही है. यह सिर्फ राधिका की नहीं, बल्कि पूरे निमाड़ और खंडवा जिले की बेटियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है.
About the Author
With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें
.