प्रदेश में बड़े जिलों में आगामी वित्त वर्ष के लिए शराब की नीलामी के लिए सरकार को मशक्कत करनी पड़ रही है। हालात यह हैं कि भोपाल, जबलपुर, रतलाम, कटनी, शाजापुर, आलीराजपुर, दमोह, नीमच और झाबुआ में रेवेन्यू कम आ रहा है। आबकारी मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने आबकारी अधिकारियों को इसमें सुधार करने के लिए कहा है। इसके साथ ही यह बात भी सामने आई है कि कम राजस्व वसूली वाले जिलों में इन्दौर 78 प्रतिशत, ग्वालियर 79 प्रतिशत, धार 76 प्रतिशत, शिवपुरी 80 प्रतिशत, रीवा 85 प्रतिशत, खण्डवा 82 प्रतिशत, अशोकनगर 82 प्रतिशत सिंगरौली 83 प्रतिशत और नर्मदापुरम 93 प्रतिशत राजस्व मिल चुका है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा है कि जिन जिलों में राजस्व का लक्ष्य प्राप्त करना शेष है उनमें भोपाल, जबलपुर, रतलाम, कटनी, शाजापुर, आलीराजपुर, दमोह, नीमच और झाबुआ जिला शामिल हैं। इसलिए यहां विशेष प्रयास किए जाएं। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सोमवार को मंत्रालय में आबकारी वर्ष 2026-27 की व्यवस्थाओं समीक्षा की। वर्ष 26-27 के प्रदेश के सभी शराब दुकानों का ई-टेडर एवं ई टेंडर कम ऑक्सन के माध्यम से नीलाम करने का निर्णय लिया गया है। वर्ष 2026-2027 के लिए शराब दुकानों की कीमतों में वर्ष 2025-26 के वार्षिक मूल्य से 20 प्रतिशत वृद्धि की गई है। आबकारी नीति के अनुसार इसी व्यवस्था पर शराब दुकानों के लिए वर्ष 2026-27 का आरक्षित मूल्य तय किया गया है। वर्ष 2026-27 के लिये शराब दुकानों से सरकार को 19 हजार 952 करोड़ की प्राप्ति होगी। अब तक कुल 6 चरणों में हुई शराब दुकानों के नीलामी से 11 हजार 827 का आबकारी राजस्व मिलना तय हुआ है, जो कि वर्ष 2025-26 वार्षिक मूल्य से 30 प्रतिशत अधिक है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने इन जिलों पदस्थ जिला आबकारी अधिकारियों को विशेष प्रयास करने के लिये निर्देशित किया। समिति की बैठक में परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके उपस्थित थीं। साथ ही प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर, आबकारी आयुक्त एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहें। .