ग्वालियर के थोक दवा बाजार में नकली आयुर्वेदिक दवाओं और बॉडी ग्रोथ पाउडर की सप्लाई के खिलाफ आयुष विभाग ने बुधवार को छापामार कार्रवाई की। इस दौरान एडवांस बॉडी ग्रोथ पाउडर के 300 नकली डिब्बे जब्त किए गए। जिला आयुष अधिकारी डॉ. भरत उज्जैनिया के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। टीम में आयुर्वेद अधिकारी डॉ. सुमित शर्मा और डॉ. विशाल सक्सेना भी शामिल थे। आयुष विभाग को सूचना मिली थी कि एडवांस बॉडी ग्रोथ पाउडर नामक आयुर्वेदिक उत्पाद को नकली रूप में तैयार कर अवैध तरीके से बाजार में सप्लाई किया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने वाहन क्रमांक एमपी 07 सीके 8662 को रोका, जिसमें प्रोटक्ट के 300 डिब्बे लोड थे। मौके पर अभिषेक शर्मा और आशीष शर्मा माल के साथ पाए गए। पूछताछ में दोनों ने 17 दिसंबर की तारीख का 31,500 रुपये का बिल पेश किया। साथ ही एक पत्र भी दिखाया गया, जिसमें मनोज कुशवाह, प्रोप्राइटर सिद्धि हर्बल्स सेवा द्वारा नेफ हर्बोवेदा, जौरा को एडवांस बॉडी ग्रोथ पाउडर के निर्माण के लिए अधिकृत किए जाने का दावा किया गया था। हालांकि, नेफ हर्बोवेदा का वैध निर्माण लाइसेंस मांगने पर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। सत्यम फार्मेसी ने दर्ज कराई थी शिकायत जिला आयुष अधिकारी डॉ. भरत उज्जैनिया ने बताया कि यह मामला पूरी तरह नकली उत्पाद से जुड़ा हुआ है। सत्यम फार्मेसी ने पहले ही शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मूल उत्पाद एडवांस बॉडी ग्रोथ पाउडर की नकल कर थोक दवा बाजार में बेचा जा रहा है। इसी शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई। डॉ. उज्जैनिया के अनुसार, एडवांस बॉडी ग्रोथ पाउडर का लाइसेंस 23 दिसंबर 2025 को औषधि नियंत्रक एवं संचालनालय आयुष द्वारा निरस्त किया जा चुका है। इसके बावजूद उत्पाद का निर्माण, भंडारण और विक्रय किया जाना गंभीर अपराध है। आयुष विभाग ने जब्त सामग्री को सुरक्षित अभिरक्षा में ले लिया है। पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी जा रही है और संबंधित थाने में वैधानिक कार्रवाई के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नकली दवाओं के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। .