भारत को बड़ा झटका, सात्विक-चिराग की जोड़ी एशियन चैंपियनशिप 2025 से हट गई, लक्ष्य-सिंधु पर नजरें

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप से अपना नाम वापस ले लिया है और अब इस प्रतियोगिता में भारत का दारोमदार शानदार फॉर्म में चल रहे लक्ष्य सेन और अनुभवी पीवी सिंधु पर टिका रहेगा।
सात्विक अभी कंधे की चोट से उबर रहे हैं जिसके कारण इस स्टार भारतीय जोड़ी को टूर्नामेंट से नाम वापस लेना पड़ा।

सात्विक और चिराग ने 2023 में इस प्रतियोगिता का खिताब जीता था।
भारतीय कोच टैन किम हेर ने पीटीआई को बताया, ‘‘सात्विक को अभी भी कुछ दर्द है, इसलिए वे इस सप्ताह नहीं खेल पाएंगे।’’
सात्विक के दाहिने कंधे में दर्द के कारण यह भारतीय जोड़ी स्विस ओपन में भी क्वार्टर फाइनल के मैच से भी हट गई थी।
इस महाद्वीपीय चैंपियनशिप में भारत की निगाहें अब एकल खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी जिसका नेतृत्व लक्ष्य और सिंधु करेंगे।

यह दोनों इस प्रतियोगिता में एकल में देश के खिताब के 61 साल से चले आ रहे इंतजार को खत्म करने की कोशिश करेंगे।
पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन दिनेश खन्ना एकमात्र भारतीय हैं जिन्होंने 1965 में महाद्वीपीय प्रतियोगिता में पुरुषों के एकल वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में उपविजेता रहने के बाद लक्ष्य उनके नक्शेकदम पर चलने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

ल्मोड़ा का यह 24 वर्षीय खिलाड़ी हांगकांग के ली चेउक यिउ के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेगा।
महिला एकल में सिंधु यूरोपीय चरण में भाग नहीं ले पाने केबाद वापसी कर रही हैं। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के लिए इंग्लैंड जाते समय दुबई में फंस गई थीं, जिसके चलते उन्हें टूर्नामेंट से हटना पड़ा। इसके बाद उन्होंने आराम करने के लिए स्विस ओपन में हिस्सा नहीं लिया और अब उनका पहला मुकाबला मलेशिया की वोंग लिंग चिंग से होगा।
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रुष एकल वर्ग में भी भारत के कुछ अन्य खिलाड़ी भी अपनी चुनौती पेश करेंगे। कंधे की चोट से उबरकर वापसी कर रहे एचएस प्रणय का सामना क्वालीफायर से होगा, वहीं किदांबी श्रीकांत सिंगापुर के आठवें वरीयता प्राप्त लोह कीन यू से भिड़ेंगे। यूएस ओपन चैंपियन आयुष शेट्टी का सामना चीन के पांचवीं वरीयता प्राप्त ली शी फेंग से होगा।
महिला एकल में सिंधु के अलावा जो अन्य भारतीय खिलाड़ी भाग ले रही हैं उनमें उन्नति हुडा का सामना थाईलैंड की सुपानिडा काटेथोंग से, तन्वी शर्मा का सामना मलेशिया की के लेटशाना से और मालविका बंसोड़ का सामना थाईलैंड की बुसानन ओंगबामरुंगफान से होगा।

पुरुष युगल में हरिहरन आमसकारुनन और एमआर अर्जुन का सामना दक्षिण कोरिया के किम वॉन हो और सियो सेउंग जे की शीर्ष वरीयता प्राप्त जोड़ी से जबकि पी कृष्णमूर्ति रॉय और साई प्रतीक का मुकाबला जापान के काकेरू कुमागाई और हिरोकी निशी से होगा।
महिला युगल में अश्विनी भट और शिखा गौतम का मुकाबला थाईलैंड की हथैथिप मिजाद और एन तुंगकासतन से, जबकि त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद पुलेला का सामना चीन की लूओ यी और वांग टिंग गे से होगा। प्रिया कोंजेंगबम और श्रुति मिश्रा को क्वालीफायर से भिड़ना है।

मिश्रित युगल में रोहन कपूर और गड्डे रूथविका शिवानी का सामना मलेशिया की आठवीं वरीयता प्राप्त गोह सून हुआत और लाई शेवोन जेमी से होगा। अशिथ सूर्या और अमृता प्रमुथेश की एक भारतीय जोड़ी मलेशिया के वोंग टीएन सी और लिम चिव सिएन से भिड़ेगी। ध्रुव कपिला और तनीषा क्रैस्टो का मुकाबला थाईलैंड के पी होर्बनलुइकिट और बेन्यापा एम्सार्ड से होगा।

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