भोपाल पुलिस का बड़ा एक्शन: MD ड्रग्स तस्करी पर शिकंजा, कमिश्नर बोले- नेटवर्क तोड़ेंगे

रमाकांत दुबे
भोपाल. मध्य प्रदेश में नशे की समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार और पुलिस ने निर्णायक अभियान शुरू कर दिया है, जो भोपाल सहित पूरे प्रदेश में फैल रहा है. यह अभियान केंद्र सरकार की तीन साल की राष्ट्रीय मुहिम का हिस्सा है, जहां नशे की जड़ों को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है. भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने स्पष्ट किया कि MD ड्रग्स (मेफेड्रोन) जैसे घातक नशों की तस्करी में भोपाल और मंदसौर सबसे संवेदनशील हैं, जहां हाल ही में करोड़ों की जब्ती हुई है. पुलिस ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई की है, जिसमें दूसरे राज्यों में जाकर गिरफ्तारियां और नेटवर्क तोड़ने के प्रयास शामिल हैं.

पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने कहा कि युवाओं पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है, इसलिए गृह विभाग अगले तीन साल में सप्लाई और डिमांड दोनों चेन को तोड़ने में जुटा है. केंद्रीय गृह मंत्रालय की हालिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ने इस अभियान को और मजबूती दी है. भोपाल जैसे शहरों में MD ड्रग्स का ऑनलाइन सामग्री से जुड़ाव और अंतरराज्यीय तस्करी ने इसे राष्ट्रीय चुनौती बना दिया है, जहां पुलिस की सख्ती से समाज को राहत मिलेगी. कुल मिलाकर, यह अभियान MP को नशा मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, जो युवा पीढ़ी की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा.
MP में ड्रग केसों में 43% सजा दर, 56% मामलों में देरी
पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने कहा कि बढ़ती ड्रग्स समस्या है, जहां 2024-2025 में भोपाल में 1800 करोड़ से अधिक की MD ड्रग्स जब्त हुईं, जो गुजरात ATS और NCB की मदद से पकड़ी गईं. मंदसौर और भोपाल MD ड्रग्स के हब बन चुके हैं, जहां दुबई-UK जैसे अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आए हैं. कमिश्नर मिश्र ने कहा कि नशे का बनाने का सामान ऑनलाइन उपलब्ध है, इसलिए रोकथाम के लिए ठोस प्रयास जरूरी हैं. केंद्र के निर्देश पर राज्य में NCORD मीटिंग्स बढ़ी हैं, जहां डीजीपी कैलाश मकवाना भी शामिल हुए. पुलिस ने दूसरे शहरों में जाकर कार्रवाई की, जैसे गुजरात में मंदसौर के आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. यह अभियान ‘नशे से दूरी है जरूरी’ जैसे कैंपेन से जुड़ा है, जहां जागरूकता और सजा दोनों पर फोकस है. MP में ड्रग केसों में 43% सजा दर है, लेकिन 56% मामलों में देरी से चुनौती बनी हुई है.

भोपाल और मंदसौर MD ड्रग्स के लिए हॉटस्पॉट
केंद्र सरकार ने तीन साल का राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है, जो मार्च 2026 से तेज होगा. MP में भोपाल और मंदसौर MD ड्रग्स के लिए हॉटस्पॉट हैं. पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने कहा कि आने वाले दिनों में कार्रवाई का स्तर और बढ़ेगा. गृह विभाग युवाओं को नशे से बचाने पर फोकस कर रहा है. केंद्रीय गृह सचिव की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपर सचिव गृह, डीजीपी और कमिश्नर शामिल हुए.

संवेदनशील क्षेत्र और कार्रवाई 

  • भोपाल-मंदसौर: MD ड्रग्स तस्करी के मुख्य केंद्र, जहां 2024 में 1800 करोड़ की जब्ती हुई.
  • अंतरराज्यीय नेटवर्क: गुजरात, दिल्ली, UK-दुबई कनेक्शन वाले गिरोह टारगेट.
  • युवा प्रभाव: सबसे ज्यादा युवा घातक नशे में फंस रहे, जागरूकता अभियान चलाए जा रहे.
  • ऑनलाइन चुनौती: बनाने का सामान ऑनलाइन उपलब्ध, साइबर मॉनिटरिंग बढ़ाई जाएगी.
  • सजा दर सुधार: ड्रग केसों में 43.86% सजा, बाकी मामलों में तेज जांच.

 “नशे के खिलाफ तेजी से अभियान चल रहा है. जहां सूचना मिली, वहां कार्रवाई हुई. अंतिम छोर तक पहुंचेंगे.”
– हरिनारायण चारी मिश्र, पुलिस कमिश्नर

  • केंद्रीय गृह मंत्रालय: तीन साल में नशा खत्म करने का लक्ष्य, NCORD मीटिंग्स से रोडमैप तैयार.
  • गृह विभाग MP: सप्लाई चेन तोड़ने और डिमांड कम करने पर फोकस, युवा सुरक्षा प्राथमिकता.
  • भोपाल पुलिस: MD ड्रग्स के मामले संवेदनशील, दूसरे राज्यों में जाकर बड़ी कार्रवाई.
  • भविष्य की योजना: ऑनलाइन सामग्री पर रोक, जागरूकता और सख्त कानूनी कार्रवाई.

भोपाल में फैक्ट्रीज से करोड़ों की ड्रग्स पकड़ी गईं
MP में MD ड्रग्स (मेफेड्रोन) की तस्करी ने भोपाल को हब बना दिया है, जहां फैक्ट्रीज से करोड़ों की ड्रग्स पकड़ी गईं. मंदसौर में पुराने सप्लायर्स सक्रिय हैं. पुलिस ने हाल में आरोपी को उसके पिता के नाम वाली गली में घुमाकर शर्मिंदगी दिलाई. यह समस्या युवाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है. अभियान से समाज में जागरूकता बढ़ेगी, जहां नशा मुक्ति केंद्र और हेल्पलाइन मजबूत होंगे.

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *