इस मौसम से सावधान! सर्दी-जुकाम-बुखार की चपेट में बच्चे, निमोनिया का भी खतरा

Last Updated:

Korba News: अगर बीमारी का समय रहते सही इलाज न किया जाए, तो यह निमोनिया का रूप ले सकता है, जिससे बच्चों को गंभीर अवस्था में अस्पताल में एडमिट कराने की नौबत तक आ सकती है. कुछ मामलों में फेफड़ों में कफ जमा होने के चलते भी छोटे बच्चों को तत्काल इलाज की जरूरत पड़ती है.

कोरबा. इन दिनों के बदलते मौसम के कारण बच्चों में सर्दी और खांसी-जुकाम का खतरा बढ़ गया है. मामूली सर्दी, खांसी और बुखार के बाद यह संक्रमण फेफड़ों को अपनी चपेट में ले सकता है, जिससे छोटे बच्चे गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं. इस स्थिति के कारण बच्चों में निमोनिया का खतरा भी बढ़ जाता है. छत्तीसगढ़ के कोरबा मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ वर्मा ने लोकल 18 से कहा कि वर्तमान मौसमी बदलाव जिसमें कभी सर्दी, कभी गर्मी और कभी बरसात का अनुभव हो रहा है, वायरल फीवर और सर्दी-जुकाम के संक्रमण को बढ़ावा दे रहा है.

उन्होंने कहा कि विशेष रूप से एक महीने से लेकर 10 साल तक के बच्चे इस संक्रमण के प्रति ज्यादा संवेदनशील हैं. यदि सर्दी का समय रहते उचित इलाज न किया जाए, तो यह निमोनिया का रूप ले सकता है, जिससे बच्चों को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आ सकती है. कुछ मामलों में फेफड़ों में कफ जमा होने के कारण भी छोटे बच्चों को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ती है.

हर रोज आ रहे 40 से 50 बीमार बच्चे
उन्होंने बताया कि इस समय हर दिन औसतन 40 से 50 ऐसे बच्चे गंभीर सर्दी-खांसी से पीड़ित होकर मेडिकल कॉलेज आ रहे हैं. जिन बच्चों की स्थिति ज्यादा गंभीर है, उन्हें अस्पताल में भर्ती कर विशेषज्ञ उपचार प्रदान किया जा रहा है. वहीं जिन बच्चों में संक्रमण का खतरा कम प्रतीत होता है, उन्हें दवाएं देकर घर भेज दिया जाता है.

अभिभावकों से जरूरी अपील
डॉ वर्मा ने अभिभावकों से एक महत्वपूर्ण अपील की है. उन्होंने सलाह दी है कि इस मौसम में बच्चों को सीधे पानी के संपर्क से बचाएं. उन्होंने छोटे बच्चों के डायपर को नियमित रूप से बदलते रहने का सुझाव दिया है ताकि नमी के कारण उन्हें ठंड न लगे. इसके अलावा उन्होंने आग्रह किया कि हल्की सर्दी होने पर भी बच्चों को तत्काल डॉक्टर के पास ले जाकर परामर्श लें. बच्चों में संक्रमण बहुत तेजी से फैलता है, इसलिए यह बेहद जरूरी है कि बच्चों को संक्रमित अन्य बच्चों से दूर रखा जाए ताकि वे संक्रमण के प्रसार को रोक सकें. अभिभावकों की सतर्कता और समय पर की गई कार्यवाही बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है.

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homelifestyle

इस मौसम से सावधान! सर्दी-जुकाम-बुखार की चपेट में बच्चे, निमोनिया का भी खतरा

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *