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माचना नदी पर 18.43 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 4-लेन पुल बैतूल जिले की सबसे अहम इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में शामिल है. यह पुल शहर की ट्रैफिक समस्या को कम करेगा, ग्रामीण और शहरी कनेक्टिविटी मजबूत करेगा और भविष्य के यातायात दबाव को संतुलित करेगा. परियोजना से व्यापार, उद्योग और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा.
बैतूल. जिले की सबसे बड़ी बुनियादी जरूरतों में शामिल माचना नदी पर नए पुल का निर्माण अब औपचारिक रूप से शुरू होने जा रहा है. 18.43 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह 4-लेन पुल केवल एक संरचना नहीं, बल्कि शहर और जिले की भविष्य की यातायात व्यवस्था की रीढ़ साबित होगा. पिछले दो दशकों से संकरी पुलिया और सीमित आवागमन के कारण बैतूल–खेड़ी मार्ग पर जाम, दुर्घटनाएं और भारी वाहनों की आवाजाही बड़ी समस्या बनी हुई थी. अब इस नए पुल के निर्माण से इन सभी व्यावहारिक दिक्कतों का स्थायी समाधान मिलने की उम्मीद है. यही कारण है कि इस परियोजना को बैतूल के लिए बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर सौगात के रूप में देखा जा रहा है.
माचना नदी पर प्रस्तावित 4-लेन पुल बैतूल शहर के ट्रैफिक लोड को संतुलित करने के साथ-साथ आसपास के विकासखंडों की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा. घोड़ाडोंगरी, भैंसदेही, आठनेर और खेड़ी क्षेत्र की सीधी पहुंच शहर से और आसान होगी. आने वाले वर्षों में हरदा–इंदौर फोरलेन मार्ग से बढ़ने वाले यातायात दबाव को भी यह पुल संभालने में सक्षम रहेगा. चौड़ाई बढ़ाकर 60 फीट किया जाना यह स्पष्ट करता है कि इस परियोजना को केवल वर्तमान जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि अगले कई दशकों की यातायात मांग को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है.
क्यों जरूरी था नया पुल
माचना नदी पर मौजूद पुरानी पुलिया करीब 120 वर्ष पुरानी बताई जाती है. समय के साथ इसकी संरचनात्मक क्षमता कमजोर होती चली गई. भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक, बारिश के मौसम में जलभराव और सुरक्षा जोखिम लगातार सामने आते रहे.
नया 4-लेन पुल इन सभी व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करेगा.
4-लेन पुल से आम लोगों को क्या फायदा होगा
- शहर में प्रवेश और निकास का दबाव कम होगा
- जाम और दुर्घटनाओं में कमी आएगी
- भारी वाहनों की आवाजाही सुगम होगी
- ग्रामीण क्षेत्रों से शहर की दूरी समय में घटेगी
- व्यापार, उद्योग और कृषि परिवहन को गति मिलेगी
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
- कुल स्वीकृत लागत 18.43 करोड़ रुपये.
- पुल की लंबाई लगभग 100 मीटर.
- चौड़ाई 18.50 मीटर.
- चार लेन में आधुनिक डिजाइन.
- अनुमानित निर्माण अवधि 18 माह.
तकनीकी और ट्रैफिक प्लानिंग का फोकस
इस पुल को डिजाइन करते समय भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक वॉल्यूम को प्राथमिकता दी गई है. बैतूल–परतवाड़ा, बैतूल–आशापुर–बड़वानी–सूरत जैसे प्रस्तावित मार्गों की कनेक्टिविटी भी इसी पुल से होकर गुजरने की योजना में है. ऐसे में यह पुल केवल स्थानीय नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्तर की यातायात जरूरतों को पूरा करेगा.
पुराने पुल का उपयोग कैसे होगा
माचना नदी पर स्थित पुरानी पुलिया को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा. आवश्यक मरम्मत और संरचनात्मक सुधार के बाद इसका उपयोग सीमित गतिविधियों, धार्मिक आयोजनों और प्रतिमा विसर्जन जैसे कार्यों के लिए किया जाएगा. इससे नई और पुरानी दोनों संरचनाओं का संतुलित उपयोग संभव होगा.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
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