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Childhood Weight and COPD Risk: एक नई स्टडी में पाया गया है कि बचपन में बच्चों का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) ज्यादा रहे, तो भविष्य में फेफड़ों की गंभीर बीमारी COPD का खतरा ज्यादा होता है. इसलिए उनका वजन कंट्रोल रखना जरूरी है.
BMI and COPD Link: बचपन में आपकी सेहत अच्छी बनी रहे, तो इसका पॉजिटिव असर जिंदगीभर देखने को मिलता है. आजकल बच्चों की लाइफस्टाइल और खानपान बिगड़ गया है, जिसकी वजह से कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है. कई रिसर्च में पता चला है कि दुनियाभर के बच्चों में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है. अक्सर लोगों को लगता है कि बचपन में ज्यादा वजन होने से कोई नुकसान नहीं होता है, लेकिन बचपन का बढ़ा हुआ वजन सिर्फ डायबिटीज या हार्ट डिजीज ही नहीं, बल्कि फेफड़ों की गंभीर बीमारी क्रोनिक ऑस्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) का कारण बन सकता है. हाल ही में एक बड़े पैमाने पर की गई स्टडी में यह बात सामने आई है कि बचपन में बॉडी मास इंडेक्स (BMI) का स्तर भविष्य में COPD के खतरे से सीधा संबंध रखता है. यह रिसर्च डेनमार्क के कोपेनहेगन स्कूल हेल्थ रिकॉर्ड्स रजिस्टर पर आधारित है.
यह रिसर्च सालों तक चली फॉलोअप स्टडी पर आधारित है, जो इसे और भी भरोसेमंद बनाता है. COPD को अक्सर स्मोकिंग या प्रदूषण से जुड़ी बीमारी माना जाता है, लेकिन यह रिसर्च बताती है कि बचपन के वजन और लाइफस्टाइल की भूमिका भी अहम होती है. डॉक्टर्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे बच्चों की लंबी अवधि की ग्रोथ ट्रेंड्स पर नजर रखें, न कि सिर्फ किसी एक समय पर BMI जांचें. यह समझना जरूरी है कि लंबे समय तक अधिक वजन बने रहना फेफड़ों की बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकता है. यह स्टडी बताती है कि अगर हम बच्चों की खानपान की आदतों, शारीरिक गतिविधियों और वजन की निगरानी को प्राथमिकता दें, तो भविष्य में गंभीर बीमारियों का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है.
अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्… और पढ़ें