Last Updated:
विधानसभा में मुद्दा उठ चुका है. प्रशासन कार्रवाई का दावा कर रहा है, लेकिन जमीनी सच्चाई ये है कि अवैध कॉलोनियों का मकड़जाल अभी भी फैला हुआ है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब थमेगा अवैध निर्माण का ये खेल और कब आम आदमी का घर का सपना सुरक्षित होगा.
फाइल फोटो
शिवकांत आचार्य/भोपाल. राजधानी में अवैध कॉलोनियों का मकड़जाल लगातार फैलता जा रहा है. शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है. विधानसभा में मामला उठने और जिला प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद अवैध निर्माण थमने का नाम नहीं ले रहा. न्यूज18 की टीम जब जमीनी हकीकत जानने अवैध कॉलोनियों में पहुंची तो तस्वीर चौंकाने वाली थी.
न्यूज18 की टीम जब सियाराम सिटी पहुंची, तो वहां कई मकानों का निर्माण कार्य जारी मिला. कहीं दीवारें खड़ी हो रही थीं, तो कहीं छत डालने की तैयारी चल रही थी. प्रशासन की कार्रवाई के बोर्ड जरूर लगे हैं, लेकिन निर्माण गतिविधियां थमी नहीं हैं. जब न्यूज18 की टीम ने कॉलोनी में काम करने वाले कर्मचारी से बात की तो उसने कॉलोनी के बारे किसी भी जानकारी से इंकार कर दिया.
सरकार रियल स्टेट कारोबार पर नजर रखें
स्थानीय रहवासी सत्यप्रकाश झा का कहना है कि वे अपनी जीवनभर की कमाई से प्लॉट खरीदते हैं इसलिए सबसे पहले तो सरकार को रियल स्टेट कारोबार पर पूरी तरीके से नजर रखनी पड़ेगी. मैं भी प्लॉट लेने का सोच रहा हूं लेकिन उसकी वैधता सबसे बड़ा प्रश्न है? सरकार रियल स्टेट में इसकी व्यवस्था जरूर लेकर आए क्योंकि इसमें मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होगा, क्योंकि उनके पास ना तो सरकार के पास पहुंचने साधन है न वह अपनी बात रख पाते हैं और जो रियल स्टेट में काम करने वाले हैं जो आर्थिक रूप से संपन्न हैं. वह उनको दबा देते हैं. सरकार को इसको लेकर संज्ञान में लेना चाहिए और मिडिल क्लास को संरक्षित करना चाहिए.
बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा चल रहा
स्थानीय रहवासी यदुवंश झा ने बताया कि अगर देखते हैं तो भानपुर से लेकर कोकता बाईपास के बीच में जहां जाएंगे, वहां पर सिर्फ किसानों की जमीन पर प्लाटिंग करके बेचा जा रहा है और उसमें कोई सुविधा नहीं है. नामांतरण नहीं हो रहा है. रजिस्ट्री करा देते हैं, लेकिन नामांतरण नहीं हो पाता है और जो बेचने वाला है वह हाथ खड़े कर देता है. बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा चल रहा है. राजधानी भोपाल में अगर सर्वे किया जाए तो सैंकड़ों लोग मिलेंगे जो अवैध रूप से प्लाटिंग कर रहे हैं. यह सब होने का कारण कहीं ना कहीं शासन की मिली भगत है. एक्शन लेने की बात की जाती है तो एक्शन लेते नहीं हैं.
क्या बोले कलेक्टर?
भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. नोटिस जारी किए गए हैं और जहां भी अवैध निर्माण पाया जा रहा है कार्रवाई भी की जा रही है. इसका परिणाम है कि इस वर्ष अवैध कॉलोनी में 30% कम रजिस्ट्रियां हुई हैं.
About the Author
Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें
.