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होली में हर कोई रंगों की मस्ती में डूबने को तैयार होता है, लेकिन अक्सर केमिकल वाले रंग त्वचा को नुकसान पहुंचा देते हैं. ऐसे में आप गेंदे के फूल और हल्दी की मदद से घर पर ही पीले रंग का गुलाल तैयार कर सकते हैं. लोकल 18 से बात करते हुए लखीमपुर खीरी के त्वचा रोग विशेषज्ञ दीपेंद्र गौतम कहते हैं कि मार्केट में मिलने वाला केमिकल युक्त गुलाल त्वचा के लिए बहुत ही खतरनाक है. आंखों को भी नुकसान पहुंचा सकता है. हर्बल गुलाल त्वचा के लिए हानिकारक नहीं होता है. हर रंग का गुलाल आप आसानी से घर पर ही तैयार कर सकते हैं. आइये जानते हैं.
होली रंगों का त्यौहार है. हर कोई एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगता है. मार्केट में मिलने वाला केमिकल युक्त गुलाल त्वचा के लिए बहुत ही हानिकारक होता है. कई बार गुलाल लगाने के बाद शरीर पर खुजली होने लगती है. आज हम आपको कुछ ऐसे केमिकल फ्री ऑर्गेनिक कलर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे आप आसानी से घर पर तैयार कर सकते हैं.
पीला गुलाल बनाने के लिए सबसे पहले आप गेंदे के फूल को गर्म पानी में उबाल लें. फिर ठंडा होने के लिए रख दें. उसके बाद सूती कपड़े से निचोड़ लें. इसमें थोड़ी ऑर्गेनिक हल्दी मिला दें ताकि रंग और गहरा हो जाए. इस मिश्रण को अरारोट में मिला दें. मिलाने के 20 मिनट बाद धूप में रख दें. सूखने के बाद आपका पीला गुलाल बनकर तैयार हो जाएगा.
गुलाब के फूलों से हम घर पर ही हर्बल गुलाल तैयार कर सकते हैं. सबसे पहले आप गुलाब के ताजे फूल की पंखुड़ियां को अच्छी तरह से धोकर फिर छांव में सुखाएं. पूरी तरीके से सूखने के बाद गुलाब के फूल की पंखुड़ियां को मिक्सी में पीसकर पाउडर बना लें. इस पाउडर को अरारोट में मिला दें. इससे लाल गुलाल बनकर तैयार हो जाएगा.
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चुकंदर हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद है. क्या आप जानते हैं कि चुकंदर की मदद से हम हर्बल तरीके से गुलाल तैयार कर सकते हैं. सबसे पहले आप चुकंदर को उबालें. फिर मिक्सी में पीसकर चुकंदर के रस को निकाल कर रख लें. इसके बाद उसमें अरारोट मिलाकर रख दें. अरारोट और चुकंदर के रस को आपस में मिश्रण करने के बाद लाल रंग का गुलाल तैयार हो जाएगा. फिर करीब 20 मिनट के लिए धूप में रख दें.
हरा गुलाल बनाने के लिए पालक के पत्ते को अच्छी तरीके से धो लें. फिर उन पत्तों को गर्म पानी में उबाल लें. उबलने के बाद पालक के पत्तों का जूस निकाल कर अरारोट में मिलाकर करीब 20 मिनट तक धूप में रख दें. खुशबू के लिए आप गुलाब जल या इत्र भी मिला सकते हैं.
नीला रंग शांति और गहराई का प्रतीक होता है. नीला गुलाल बनाने के लिए नील के फूलों को लेना होगा. इन फूलों को उबालकर मिक्सी में पीसकर रस को बाहर निकल लें. इसके बाद अरारोट मिला दें. त्वचा रोग विशेषज्ञ दीपेंद्र गौतम बताते हैं कि हर्बल गुलाल त्वचा के लिए हानिकारक नहीं होता है. इसे आप आसानी से घर पर ही फूलों से तैयार कर सकते हैं.
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