आज कोई भी ऐसा नहीं जिसे दवाई न खानी पड़ रही हो. लेकिन एलोपैथिक दवाइयां खा-खाकर लोग परेशान हैं. अंग्रेजी दवाइयों के बढ़ते साइड इफेक्ट्स लोगों को परेशान करने लगे हैं. इसलिए लोग आयुर्वेदिक दवाओं में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं. उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित रामनाथ आरोग्य धाम आज के समय में आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा का एक बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है. यहां लगे काली हल्दी, भू-आंवला, और जराकुश जैसे दुर्लभ पौधे असाध्य रोगों के उपचार में उम्मीद की किरण जगा रहे हैं. वैद्य वेद प्रकाश पांडेय के निर्देशन में यहां न केवल जड़ी-बूटियां उगाई जा रही हैं, बल्कि उनसे प्राकृतिक दवाएं भी तैयार की जा रही हैं. आइए जानते हैं इस आरोग्य धाम में मौजूद उन खास पौधों के बारे में जो आपके घर के आसपास भी संजीवनी की तरह काम आ सकते हैं.