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चिकन प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि चिकन के सभी हिस्से सेहत के लिए फायदेमंद नहीं होते. कई लोग बिना सोचे-समझे हर पार्ट खा लेते हैं, जबकि कुछ हिस्सों में बैक्टीरिया, ज्यादा फैट और टॉक्सिन्स जमा हो सकते हैं. अगर आप भी चिकन खाते हैं, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि चिकन के कौन से पार्ट नहीं खाने चाहिए और क्यों.
चिकन खाने के शौकीन लोगों की कमी नहीं है, लेकिन सेहत के लिहाज़ से यह जानना बेहद ज़रूरी है कि चिकन के कौन-से पार्ट फायदेमंद हैं और किन हिस्सों को खाने से बचना चाहिए. कई बार स्वाद या आदत के चलते लोग चिकन के ऐसे हिस्से भी खा लेते हैं, जो शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं. गलत पार्ट का सेवन इंफेक्शन, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने और पाचन से जुड़ी समस्याओं की वजह बन सकता है.
चिकन का सबसे ज़्यादा अवॉयड किया जाने वाला हिस्सा उसकी त्वचा (चिकन स्किन) है. चिकन स्किन में फैट और कैलोरी बहुत ज़्यादा होती है. इसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक होती है, जो लंबे समय तक सेवन करने पर वजन बढ़ाने, हार्ट डिज़ीज और हाई कोलेस्ट्रॉल का कारण बन सकती है. खासकर जो लोग वेट लॉस, डायबिटीज या दिल की बीमारी से जूझ रहे हैं, उन्हें चिकन स्किन बिल्कुल नहीं खानी चाहिए. तली हुई चिकन स्किन तो सेहत के लिए और भी ज्यादा नुकसानदायक होती है.
इसके अलावा चिकन का लिवर (कलेजी) भी सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. हालांकि इसमें आयरन और विटामिन A भरपूर होता है, लेकिन ज्यादा मात्रा में इसका सेवन शरीर में विटामिन A टॉक्सिसिटी पैदा कर सकता है. खासकर गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए ज्यादा चिकन लिवर खाना नुकसानदायक माना जाता है. साथ ही, लिवर शरीर का डिटॉक्स अंग होता है, जिसमें टॉक्सिन्स जमा हो सकते हैं, इसलिए इसे बार-बार खाने से बचना बेहतर है.
चिकन का गिज़ार्ड और आंतें भी सावधानी से खाने चाहिए. अगर इन्हें सही तरीके से साफ और अच्छी तरह पकाया न जाए, तो इनमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं. इससे फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, दस्त और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. स्ट्रीट फूड या होटल में मिलने वाले ऐसे पार्ट्स पर ज्यादा भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि वहां सफाई का खास ध्यान नहीं रखा जाता. कुछ लोग चिकन का सिर और फेफड़े भी खाते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स इसके सेवन से बचने की सलाह देते हैं. इन हिस्सों में हेवी मेटल्स, बैक्टीरिया और पॉल्यूटेंट्स जमा होने की संभावना ज्यादा होती है. ये पार्ट्स शरीर में जाकर इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकते हैं और लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकते हैं.
सबसे सुरक्षित और हेल्दी माने जाते हैं चिकन ब्रेस्ट और चिकन लेग का लीन मीट, क्योंकि इनमें प्रोटीन ज्यादा और फैट कम होता है. इन्हें उबालकर, ग्रिल करके या हल्के मसालों में पकाकर खाना सेहत के लिए फायदेमंद रहता है. कुल मिलाकर, चिकन खाते समय सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि सेहत को भी प्राथमिकता दें. सही पार्ट चुनकर और संतुलित मात्रा में सेवन करने से चिकन आपकी डाइट का हेल्दी हिस्सा बन सकता है.
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विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें