सफेद नमक छोड़कर आप भी खा रहे पिंक सॉल्ट, सावधान हो जाइए, वरना इन परेशानियों का हो जाएंगे शिकार !

Last Updated:

Pink Salt vs Iodised Salt: पिंक सॉल्ट को सादा नमक का हेल्दी विकल्प माना जाता है, लेकिन इसमें आयोडीन नहीं होता है. एक्सपर्ट्स की मानें तो आयोडीन की कमी थायरॉइड और बच्चों के विकास पर गंभीर असर डाल सकती है. ऐसे में आयोडाइज्ड नमक को पूरी तरह छोड़ना सेहत के लिए जोखिम भरा हो सकता है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

पिंक सॉल्ट का लंबे समय तक सेवन करने से शरीर में आयोडीन की कमी हो सकती है.

Ditching Iodised Salt Harm Health: हेल्थ को बेहतर बनाए रखने के लिए लोग अपनी खानपान की आदतें तेजी से बदल रहे हैं. कई लोग अपना ब्लड प्रेशर बेहतर बनाए रखने के लिए सफेद नमक यानी टेबल सॉल्ट को अवॉइड कर रहे हैं. इसके बजाय तमाम लोग पिंक सॉल्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं. अक्सर माना जाता है कि पिंक सॉल्ट ज्यादा प्राकृतिक, मिनरल से भरपूर और हेल्दी विकल्प होता है. अब सवाल है कि क्या वाकई पिंक सॉल्ट सफेद नमक से बेहतर है? हाल ही में बेंगलुरु के एक फिटनेस कोच ने इस विषय पर लोगों को वॉर्निंग दी है और लोगों को सोच समझकर नमक चुनने की सलाह दी है.

फिटनेस कोच राल्स्टन डिसूजा ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है. इसमें उन्होंने बताया कि पिंक सॉल्ट को अक्सर इसलिए चुना जाता है, क्योंकि इसमें आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम जैसे ट्रेस मिनरल्स होने का दावा किया जाता है. हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो इन मिनरल्स की मात्रा बहुत ही कम होती है. इतनी कम कि उनसे वास्तविक पोषण लाभ पाने के लिए व्यक्ति को बहुत ज्यादा मात्रा में नमक खाना पड़ेगा, जो ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज के जोखिम को बढ़ा सकता है. यानी पिंक सॉल्ट का मिनरल रिच टैग अधिकतर मामलों में एक मार्केटिंग स्ट्रेटेजी ही साबित होता है.

View this post on Instagram

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *