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Fake Eggs vs Real Eggs: सर्दियों में देसी अंडे न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद हैं. नकली अंडों की पहचान के लिए बताए गए टिप्स को अपनाएं और बाजार में सतर्क रहें. देसी अंडे का नियमित सेवन ठंड में शरीर को गर्म और ताकतवर बनाए रखने में मदद करता है. (दीपक पांडेय/खरगोन)
सर्दियों का मौसम आते ही देसी मुर्गा और देसी अंडों की मांग तेजी से बढ़ जाती है. खासकर नॉनवेज खाने के शौकीनों के लिए देसी अंडा ताकत और गर्मी का बेहतरीन स्रोत माना जाता है. इसमें प्रोटीन, विटामिन और ओमेगा-3 जैसे पोषक तत्वों की भरमार होती है, जो ठंड में शरीर को बीमारियों से बचाने और ताकत प्रदान करने में मदद करते हैं.

हालांकि, बढ़ती मांग के साथ बाजार में नकली देसी अंडों की बिक्री भी बढ़ गई है. डॉ. हेमंत रोकड़े ने असली और नकली अंडे की पहचान के लिए कुछ टिप्स साझा किए हैं. आइए जानते हैं देसी अंडे के फायदे और असली-नकली की पहचान के आसान तरीके.

खरगोन जिले में देसी अंडों की कीमत इस समय 15 से 30 रुपये प्रति नग तक है. आदिवासी बाहुल्य इलाकों में लोग मुर्गीपालन करते हैं और इन्हें शहरों में बेचते हैं. देसी अंडे का रंग हल्का भूरा और आकार छोटा होता है. इसके विपरीत, नकली अंडे सफेद और बड़े होते हैं. कई बार नकली अंडे को चाय की पत्ती में डुबोकर भूरा रंग देकर बेचा जाता है.

देसी अंडों में प्रोटीन, विटामिन A, E, K और ओमेगा-3 भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को ताकत और ऊर्जा प्रदान करते हैं. देसी अंडों की तासीर गर्म होती है, जिससे ठंड के मौसम में शरीर को गर्म रखने में मदद मिलती है.

इनमें मौजूद जिंक और फास्फोरस रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं. विटामिन D और कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं, जबकि ओमेगा-3 दिमाग के लिए लाभकारी होता है.

डॉ. हेमंत रोकड़े ने असली और नकली अंडे की पहचान के लिए कुछ टिप्स साझा किए हैं. देसी अंडा आकार में छोटा लेकिन भारी होता है, जबकि नकली बड़ा लेकिन हल्का होता है. देसी अंडे का रंग हल्का भूरा होता है. नकली अंडे को चाय की पत्ती में डुबोकर भूरा बनाया जाता है.

देसी अंडे का स्वाद थोड़ा खारा और नमकीन होता है, जबकि नकली अंडा फीका लगता है. देसी अंडे की परत मोटी और मजबूत होती है, जबकि नकली की परत पतली और नरम होती है.

देसी अंडा चमकविहीन और दरदरा होता है. नकली अंडा अधिक चमकीला दिखता है. नकली अंडे को घिसने पर चाय पत्ती का रंग छूटने लगता है. असली में ऐसा नहीं होता. नकली अंडे से चाय पत्ती की हल्की सुगंध आती है, जबकि असली अंडे में कोई गंध नहीं होती.